घरों के पास से निकले भगवान फिर भी रथों के पास नहीं जा सके

कोरोना वायरस के चलते...

कफ्र्यू के बीच निकली रथयात्रा

By: ओम शर्मा

Published: 12 Jul 2021, 06:02 PM IST

अहमदाबाद. शहर में सोमवार को भगवान घरों के निकट से निकले लेकिन श्रद्धालु रथों के पास तक नहीं जा सके। रथयात्रा के इतिहास में सभंवत: यह पहली बार है जब सूने मार्गों से होकर भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम के रथ गुजरे थे।
देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा अहमदाबाद में निकलती है। पिछले दो वर्र्षों से कोरोना के प्रकोप के चलते रथयात्रा भी प्रभावित हुई है। सोमवार को निकाली गई 144वीं रथयात्रा के दौरान कफ्र्यू लादना पड़ा। जिसके कारण लोग रथों पर बिराजमान भगवान के दर्शन नहीं कर सके थे। ऐसे में लोगों का कहना है कि उनके घरों के पास से भगवान के रथ निकले थे फिर भी वे दर्शन नहीं कर पाए। शहर के सरसपुर क्षेत्र में रहने वाले मित्तलभाई का कहना है कि इस बार कफ्र्यू के कारण वे भगवान के दर्शनों से वंचित रहे। अन्य कई लोगों ने भी इसी तरह का दुक व्यक्त किया।

ननिहाल में भी रथयात्रा से पूर्व सूने रहे थे मार्ग
शहर का सरसपुर क्षेत्र रथयात्रा के मामले में ननिहाल के रूप में प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में रथयात्रा आती है तो लगभग डेढ़ लाख लोग एकत्र हो जाते थे। इतना ही नहीं इन सभी लोगों को भोजन के रूप में प्रसाद की भी व्यवस्था यहीं की पोल और शेरियों में की जाती रही है। परंपरागत रूप से रथों को लगभग एक से डेढ़ घंटे ठहराया भी जाता था। उस दौरान मामेरा समेत कई रस्में अदा की जाती हैं। लेकिन इस बार कप्र्यू के कारण पहले से ही सूने पड़े मार्गों पर होकर रथों को निकाला गया। ननिहाल में कुछ मिनट ही रथों को ठहराने के बाद यहां से निज मंदिर के लिए प्रस्थान करवा दिया। हालांकि यह जरूर है कि इस बार श्रद्धालुओं की यह कमी सुरक्षा जवानों ने पूरी कर दी थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की जगह सुरक्षा जवान रथों के इर्दगिर्द रहे। भगवान के दर्शनों के इच्छुक श्रद्धालुओं ने इस बार जमकर कोरोना को कोसा।

ओम शर्मा Photographer
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