99 वर्षीय महिला ने चार दिन में ही किया कोरोना को परास्त

जीवन में पहली बार अस्पताल में भर्ती होने की आई थी नौबत

By: Omprakash Sharma

Published: 04 May 2021, 09:22 PM IST

अहमदाबाद. 99 वर्षीय सामूबेन चौहाण को वैसे तो इससे पहले किसी अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं हुई थी, लेकिन कोरोना रूपी राक्षस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने को मजबूर कर दिया। फिर भी सामूबेन ने अपने दृढ़ मनोबल पर इस महामारी के प्रभाव को मात्र चार ही दिन में खत्म कर दिया। एशिया के सबसे बड़े सिविल अस्पताल के 1200 बेड कोविड हॉस्पिटल में भर्ती रही सामूबेन ने घर जाकर चिकित्सकों के कार्य को सराहा है।
शहर मेें रहने वाली सामूबेन चौहाण को पिछले दिनों कोरोना का संक्रमण लगने के कारण शहर के 1200 बेड अस्पताल में भर्ती करवाया था। इतने लंबे जीवन काल में वे पहली बार अस्पताल में भर्ती हुईं थीं लेकिन अब कोरोना की महामारी के कारण उन्हें इसके लिए विवश होना पड़ा था। इसके बावजूद कोरोना उनके मनोबल को कम नहीं कर सका। अस्पताल में उनके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर 90 फीसदी तक रह गया था, लेकिन कुशल चिकित्सकों की उपचार पद्धति से उनकी रिकवरी शुरू हो गई थी। मात्र चार ही दिनों में बुजुर्ग महिला ने कोरोना को हरा दिया। संभवत: यह पहली बार है कि इतनी उम्र में भी चार दिन में कोरोना को हरा कर मरीज स्वस्थ होकर घर पहुंच गया।
कोरोना से नहीं डरी परिजनों की याद से हुईं थीं निराश
सामूबेन ने बताया कि उन्हें कोरोना से बिल्कुल डर नहीं लगा, लेकिन भर्ती होने के दौरान उन्हें परिजनों की याद आई थी। यह इसलिए था कि वे इससे पहले कभी अस्पताल में दाखिल नहीं हुईं थीं। वृद्धा के चेहरे पर निराशा के भाव को समझकर पड़ौस वाले बेड पर उपचाराधीन तीस वर्षीय मरीज ने सामूबेन के परिजनों से अपने फोन से बात करवाई थी। जिससे उन्हें काफी तसल्ली हुई। सामूबेन ने चार दिन बाद घर पहुंचकर अस्पताल के चिकित्सा कर्मियों की भरपूर सराहना की।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जयप्रकाश मोदी ने बताया कि इस तरह के मरीजों के लिए अस्पताल में अतिरिक्त जीरियाट्रिक वार्ड कार्यरत है। जिसमें मरीजों की जरूरतों को खास ध्यान रखा जाता है।

Omprakash Sharma Reporting
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