बिगड़ी आबोहवा के बीच अहमदाबाद में नए साल का आगाज

बिगड़ी आबोहवा के बीच अहमदाबाद में नए साल का आगाज

nagendra singh rathore | Publish: Nov, 10 2018 10:25:25 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 10:25:26 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

दीपावली की रात अहमदाबाद में प्रदूषण बढ़ा,
रात दस बजे बाद चलाने पर रोक के बावजूद दिवाली में रात भर चले पटाखे,
भाईदूज के दिन भी बदहाल रहा माहौल, शनिवार को आया थोड़ा काबू

 

अहमदाबाद. दिवाली की रात घर से लेकर गली, मोहल्ला व शहर बहुरंगी लाइटों और झिलमिलाते दीपकों से रोशन हो रहे थे तो वहीं रात सात बजे से शुरू हुआ पटाखे चलाने का सिलसिला नए साल सुबह तक जारी रहा। रोक के बावजूद भी दिवाली की पूरी रात जमकर पटाखे चले। इसका असर दूसरे दिन शुक्रवार को हुए नए साल के आगाज पर देखने को मिली। पटाखों के चलते शहर के लोगों की नए साल की सुबह वायु प्रदूषण के बीच हुई। प्रदूषण का स्तर बीते साल की तुलना से भी ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाके रायखड़, रखियाल और चांदखेड़ा रिकॉर्ड किए गए।
सफर (सिस्टम ऑफ एयरक्लाविली एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च ) के आंकड़े दर्शाते हैं कि अहमदाबाद में दिवाली से एक दिन पहले छह नवंबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एआईक्यू) जो १९९ था वो दिवाली के दिन सात नवंबर को ३१५ रिकॉर्ड किया गया। जबकि नए साल पर यह स्तर बढ़कर ३८१ (बेहद खराब) स्तर पर पहुंच गया। दिवाली पर रातभर पटाखे चलाने के चलते वायु में पीएम 2.५ और पीएम १० की उपस्थिति का स्तर सबसे ज्यादा रहा। इसके चलते बच्चे, बुजुर्ग और सांस के मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वर्ष २०१७ में दिवाली की रात चलाए गए पटाखों के चलते नए साल पर वायु गुणवत्ता सूचकांक ३४० रिकॉर्ड किया गया था, जो वर्ष २०१८ में बढ़कर ३८१ पर पहुंच गया। शुक्रवार नौ नवंबर को २९३ जबकि शनिवार को अहमदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक २२९ रिकॉर्ड किया गया।
पटाखे ज्यादा चलने से बढ़ा सूचकांक
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के चलते भले ही शहर पुलिस आयुक्त ए.के.सिंह ने शहर में रात दस बजे के बाद पटाखे चलाने पर रोक लगा दी हो। कुछ कार्रवाई भी की गई, लेकिन रोक का कोई असर देखने को नहीं मिला। पटाखे बीते साल की तुलना में इस साल ज्यादा चलाए गए। यह स्थिति तब है यह रोक के चलते लोगों को जागरूक करने और चेतावनी देने के लिए दिवाली से पहले पुलिस ने रात दस बजे बाद पटाखे चलाने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार तक किया।

रायखड़,चांदखेड़ा और रखियाल सर्वाधिक प्रदूषित
प्रदूषण की बात करें तो दिवाली की रात और दिवाली के बाद सबसे ज्यादा प्रदूषण शहर के परकोटा क्षेत्र रायखड़ में फिर पूर्वी इलाके के रखियाल और पश्चिमी इलाके के चांदखेड़ा इलाके में रिकॉर्ड किया गया। आठ नवंबर को रायखड़ इलाके में वायु में पीएम २.५ की उपस्थिति ४३८ जबकि पीएम १० की उपस्थिति ४८४ रिकॉर्ड की गई। चांदखेड़ा इलाके में वायु में पीएम २.५ की उपस्थिति ४०५ पाई गई, जबकि रखियाल में यह ३८४ रिकॉर्ड की गई। अमूमन शहर में सबसे ज्यादा प्रदूषित पाए जाने वाले पिराणा इलाके में ३९२ और बोपल इलाके में ३३० पीएम २.५ की उपस्थिति पाई गई। शहर का सबसे कम प्रदूषित रहने वाला एयरपोर्ट इलाके की हवा भी प्रदूषित हुई। पीएम २.५ की उपस्थिति आठ नवंबर की रात ३४२ रिकॉर्ड की गई। रायखड़ इलाके में तो वायु प्रदूषण का स्तर पूरी दिल्ली के स्तर को भी पार कर गया। गिफ्ट सिटी और लेकवाडा इलाके सबसे कम प्रदूषित पाया गया। बीते साल २०१७ में दिवाली के बाद नए साल पर नवरंगपुरा मे सबसे ज्यादा ३७९, चांदखेड़ा में ३५०, सेटेलाइट में ३५८, बोपल में ३४२, एयरपोर्ट पर ३१०, रायखड़ में ३४४ वायु प्रदूषण का स्तर रिकॉर्ड किया गया था।

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