किसानों से जबरन न ली जाए जमीन: गोहिल

गोचर जमीन लौटाए एस्सार

By: Pushpendra Rajput

Published: 04 Jul 2015, 06:47 PM IST

अहमदाबाद. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्तिसिंह ने आरोप लगाते हुए सरकारी प्रशासन और एस्सार कंपनी पर मिलीभगत से देवभूमि द्वारका के किसानों से जबरन जमीन छीनी गई है किसानों की उस जमीन को वापस लौटाना चाहिए। जहां सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि गोचर की जमीन को किसी भी हालत में विकास के लिए आवंटित नहीं करना है। साथही रात के समय भूमि अधिग्रहण नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद  पुलिस और सरकारी प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण के प्रावधानों को ताक पर रखकर खंभालिया में किसानों से एस्सार कंपनी के लिए  जमीन छीनी गई।  जिन किसानों ने विरोधकिया उनको प्रताडि़त भी होना पड़ा है। 
गोहिल ने कहा कि खंभालिया में एस्सार कंपनी (एस्सार पावर गुजरात लिमिटेड) ने कोरिडोर बनाने के लिए17 लाख 6  9 हजार 98  6   वर्गमीटर जमीन की मांग की थी, जिसमें गोचर जमीन की भी शामिल थी, लेकिन  सरकारी प्रशासन ने जंत्री के दाम घटाकर जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही प्रारंभ की। देखा जाए तो जमीन अधिग्रहण के लिए राइट टू फेयर कम्पेन्सेशन एंड ट्रांसपरेन्सी इन लैण्ड इक्वीजिशन एक्ट-2013  को अपनाना चाहिए था,  लेकिन कानून को ताक पर रखा गया। किसानों के विरोधके बावजूद उनकी जमीन अधिग्रहण करने की कार्यवाही की गई।सरकारी अधिकारियों और एस्सार कंपनी के कर्मियों ने खंभालिया के मोटा मांढा, परोडिया और उसके आसपास धावा बोल दिया और किसानों से जबरन जमीन छीनने का प्रयास किया गया। 
गोहिल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को आदेश है कि गोचर जमीन को किसी भी स्थिति में उद्योग या अन्य किसी भी व्यवसायिक कार्य के लिए नहीं देना है। ऐसेे हालातों में  राज्य सरकार के राजस्व विभाग ने एस्सार कंपनी को गोचर जमीन देने की मांग को खारिज कर दिया था, लेकिन बाद में यह कहते हुए मंजूरी दी गई कि एस्सार कंपनी जितनी जगह लेगी उतनी ही गोचर एस्सार कंपनी खरीदकर उसे गांव को देगी। इसके बावजूद गोचर जमीन आवंटित कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां एक ओर भाजपा सरकार गो भक्त होने का दावा करती है वहीं गोचर जमीन छीनकर अपनी चहेते उद्योगपतियों को आवंटित कर रही है।  उन्होंने यह भी आरोप लगाया कोरिडोर से कोयले का परिवहन होने से उसकी रजकणों से जमीनों को भी नुकसान होगा। जमीन बंजर होने से किसानों की हालत भी खस्ता हो जाएगी।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि जमीन अधिग्रहण के कानून का उल्लंघन कर जिन अधिकारियों ने किसानों से जबरन जमीन छीनने का प्रयास किया है उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए। एस्सार कंपनी ने जो गोचर की जमीन ली है वह लौटाई जाए। जो किसान गुजरात उच्च न्यायालय में स्थगन आदेश लेने गएथे राज्य सरकार उनको एस्सार कंपनी से कोर्ट खर्च के तौर पर मुआवजा दिलाए। इस मौके पर कांग्रेसी विधायक धर्मेन्द्रसिंह जाड़ेजा, मेरामण अहीर और राघवजी पटेल भी उपस्थितथे।उन्होंने भी सरकारी प्रशासन और एस्सार कंपनी का किसानों से जमीन छीनने के तरीके का विरोध किया है।
 कानून का पालन किया:एस्सार
एस्सार पावर गुजरात लिमिटेड ने  भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर खुलासा करते हुएकहा कि कोरिडोर के लिए आवश्यकता के मुताबिक ही जमीन का अधिग्रहण किया है। सरकार ने 17,96  ,98  6   वर्गमीटर जमीन नहीं बल्कि 124445 वर्गमीटर जमीन आवंटित की है। जंत्री दर निर्धारण कंपनी की कोई भी भूमिका नहीं है।
Pushpendra Rajput Reporting
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