VIDEO: कलक्टर की कुर्सी पर बैठते ही फूल की तरह खिला 'फ्लोरा' का चेहरा

Ahmedabad, Flora, became, one day collector, Brain tumor, sandeep sangle, ब्रेनट्यूमर पीडि़त 11 वर्षीय फ्लोरा की कलक्टर बनने की इच्छा हुई पूरी, एक दिन की कलक्टर बन लोगों को सौंपे सरकारी लाभ के प्रमाण-पत्र

By: nagendra singh rathore

Published: 18 Sep 2021, 09:47 PM IST

अहमदाबाद. पढऩे-लिखने में होशियार 11 वर्षीय फ्लोरा आसोडिया शनिवार को अहमदाबाद जिला कलक्टर की कुर्सी पर बैठते ही फूल की तरह खिल उठी। चेहरे पर खुशी देखते ही बन रही थी। हो भी क्यों ना उसका कलक्टर बनने का सपना जो पूरा हो रहा था। ब्रेन ट्यूमर से पीडि़त गांधीनगर सरगासण निवासी फ्लोरा ने एक दिन की कलक्टर बनकर विधवा पेंशन, व्हाली दीकरी योजना के प्रमाण पत्र भी लोगों को सौंपे।
कलक्टर संदीप सांगले ने बताया कि फ्लोरा बीते सात महीने से ब्रेन ट्यूमर से पीडि़त है। बचपन से ही होशियार फ्लोरा की कलक्टर बनने की इच्छा है। मेक ए विश फाउंडेशन एनजीओ के जरिए जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने देरी किए बिना उसकी इस इच्छा को पूरा करने का निर्णय किया। अधिकारियों को फ्लोरा के घर भेज उसके सपने को पूरा करने की तैयारी दशाई। उसकी नाजुक तबियत को देख उसके माता-पिता थोड़े चिंतित थे, लेकिन जब उनसे कहा कि पूरा जिला प्रशासन उसके साथ है तो वे तैयार हो गए। उसे एक दिन का कलक्टर बनाकर उसके सपने को पूरा करने का उन्हें संतोष है।
फ्लोरा का आगामी कुछ दिनों में जन्मदिन आने वाला है, जिससे कलक्टर कार्यालय में केक भी काटा गया। उसकी इच्छा पता कर उसे जिला प्रशासन की ओर से एक टैबलेट, बार्बी गर्ल सेट भी दिया गया।
पिता अपूर्व और मां सोनल आसोडिया ने कहा कि सातवीं में पढऱ ही फ्लोरा को ब्रेनट्यूमर की बीमारी होने पर हमें उसके स्वास्थ्य के साथ उसके सपने की भी चिंता थी। लेकिन कलक्टर सांगले ने जिस संवेदना के साथ आज उसका स्वागत कर उसे एक दिन का कलक्टर बनाया। इससे खुद फ्लोरा में भी एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। वह जरूर इस जानलेवा रोग से लड़कर पूरी तरह स्वस्थ्य होकर कलक्टर बने ऐसी आशा जगी है।
मेक ए विश फाउंडेशन के अहमदाबाद यूनिट की ओर से कोरोनाकाल में 470 बच्चों की और 2021 में 377 बच्चों की इच्छाओं को पूरा किया गया है। इस मौके पर अतिरिक्त आवासी कलक्टर परिमल पंड्या, योगीराज सिंहगोहिल, दहेज उन्मूलन अधिकारी निलेश्वरीबा वाघेला और अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

ऑफिस पहुंचते ही गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत
फ्लोरा को शनिवार सुबह कलक्टर की गाड़ी उनके घर सरगासण से कलक्टर कार्यालय लाने के लिए पहुंची। कलक्टर की गाड़ी में बैठकर फ्लोरा जब अहमदाबाद जिला कलक्टर कार्यालय पहंची तो द्वार पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। ठीक उसी प्रकार जैसे नए कलक्टर पदभार ग्रहण करने पहुंचते हैं। उसके बाद फ्लोरा को सीधे कलक्टर की चैंबर में ले जाया गया। कलक्टर संदीप सांगले ने खुद फ्लोरा को कलक्टर की कुर्सी पर बिठाया। इस दौरान सांगले की नहीं बल्कि फ्लोरा के नाम की नेम प्लेट भी टेबल पर रखी गई।

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