Ahmedabad GCRI : पैर की हड्डी से दिया बालिका के जबड़े का रूप

अहमदाबाद के चिकित्सकों का करिश्मा...

सार्कोमा कैंसर का देश में अपने आप में पहला ऑपरेशन होने का दावा

By: Omprakash Sharma

Published: 18 Jul 2021, 05:16 PM IST

अहमदाबाद. शहर के सिविल अस्पताल के चिकित्सकों के करिश्मा की बदौलत कैंसर ग्रस्त चार वर्षीय बालिका के जबड़े को नया रूप मिला है। दरअसल चिकित्सकों ने ऐसा अनूठा ऑपरेशन किया है, जिसमें कैंसर ग्रस्त जबड़े को हटाकर उसकी जगह पर पैर की हड्डी से बनाया हुआ जबड़ा स्थापित किया गया है। देश में इस तरह का पहला ऑपरेशन होने का दावा भी किया जा रहा है। यह ऑपरेशन लगभग नौ घंटे चला था। यदि इस तरह का ऑपरेशन निजी अस्पताल में किया जाता तो लगभग आठ से दस लाख रुपए का खर्च भी आता, लेकिन सरकार की सहायता से यह निशुल्क हुआ है। चार वर्ष की आयु में इस तरह का कैंसर मिला हो यह भी पहला बताया जा रहा है।
जूनागढ़ निवासी इस बालिका के जबड़ा में सार्कोमा नामक कैंसर की गांठ थी। इस तरह का कैंसर दुर्लभ होता है और चार वर्ष की आयु में इसका मिलना संभवत: देश ही नहीं दुनिया में भी पहला मामला हो सकता है। इस अवस्था में विविध अस्पतालों में बालिका को ले जाया गया लेकिन सभी ने जीसीआरआई में ले जाने की सलाह दी। यहां लाने के बाद परिक्षण किए गए और चिकित्सकों ने बालिका की माइक्रोवेस्कू लर सर्जरी करने का निर्णय किया।
अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. हेमंत सरैया के अनुसार यदि बालिका के कैंसर ग्रस्त जबड़े का ऑपरेशन नहीं किया जाता तो कुछ ही दिनों में पूरा मुंह कैंसर की जकड़ में आ सकता था। जिससे बालिका का कैंसर ग्रस्त जबड़ा निकालकर दाहिने पैर की हड्डी में से जबड़े का रूप दिया गया। इस नए जबड़े को रक्त की सप्लाई करने वाली नसों के साथ भी जोड़ा गया जो काफी जटिल काम होता है। उन्होंने बताया कि हड्डी के साथ टाइटेनियम की प्लैट को दस से बारह स्क्रू से स्थापित किया गया और बालिका को नया जबड़ा मिल गया। नौ घंटे तक चली सर्जरी में डॉ. प्रीतम एवं कैंसर सर्जन डॉ. उमांक त्रिपाठी की अहम भूमिका रही।
यूं है अनूठा ऑपरेशन
पूरा ऑपरेशन ही अनूठा है। यह बालिका सार्कोमा नामक कैंसर से पीडि़त थी जो इस आयु में काफी दुर्लभ है। जिस तरह से यह ऑपरशन किया गया है वह भी देश में पहली बार हुआ है। बालिका के गले और जबड़े के भाग में रक्त पहुंचाने वाली बाल के आकार वाली तीन नसों को भी पुन: जोड़ा गया है। फिलहाल बच्चे के ऑपरेशन वाले भाग में भी रक्त का पहले की तरह परिभ्रमण हो रहा है। इस तरह के ऑपरेशन मेें नौ से दस लाख रुपए का खर्च संभव था लेकिन जीसीआरआई में यह निशुल्क किया गया है।

डॉ. हेमंत सरैया,
प्लास्टिक सर्जन, जीसीआरआई

Omprakash Sharma Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned