Ahmedabad News: सोशल मीडिया से बाहर निकलकर प्रत्यक्ष संबंध विकसित करने की जरूरत: मिश्र

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By: nagendra singh rathore

Published: 01 Oct 2019, 11:02 PM IST

अहमदाबाद. गुजरात विद्यापीठ के गांधी दर्शन एवं शांति शोध केन्द्र के अध्यक्ष प्रो.प्रेम आनंद मिश्र ने कहा कि 'सोशल मीडिया (फेसबुक) के बढ़ते चलन के बीच समाज भी चेहराविहीन (फेसलेस) हो गया है। वह खुद से भी विमुख हो गया है। ऐसे में जरूरत है कि लोग सोशल मीडिया से बाहर निकलकर प्रत्यक्ष संबंध को विकसित करें। '
मिश्र भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) एवं गुजरात विद्यापीठ की ओर से विद्यापीठ में आयोजित कुलपतियों के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान 'गांधी विचार के चार आधार-सत्यागृह, सर्वोदय, स्वराज और स्वदेशी- की मौजूदा समय में प्रासंगिकता ' विषय पर चर्चा में बोल रहे थे।
बीपीएस विमन्स यूनिवर्सिटी-सोनीपत की प्रो.इप्सिता बंसल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आईआईटी खडग़पुर के प्रोफेसर प्रबुद्ध गांगुली ने कहा कि अपने पुरातन ज्ञान को मौजूदा ज्ञान के साथ जोड़कर भविष्य की पीढ़ी के लिए नया ज्ञान का निर्माण करना पड़ेगा। ज्ञान का सृजन ही नहीं बल्कि उसे बांटना और प्रचारित, प्रसारित भी करना जरूरी है। विद्यापीठ के ट्रस्टी कपिल शाह ने सजीव खेती की अहमियत बताई। विद्यापीठ मंडल के निदेशक डॉ.राजेन्द्र खीमाणी ने कहा कि हमें गांवों में काम करना है तो गांव और ग्रामीणों की समस्या समझनी होंगीं। इसके लिए विद्यापीठ के ग्राम शिल्पी कार्यरत हैं।

गुजरात विद्यापीठ को बनाया जाए राष्ट्रीय महत्व की संस्था
एआईयू के दो दिवसीय सम्मेलन में गुजरात विद्यापीठ को राष्ट्रीय महत्व की संस्था का दर्जा प्रदान करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अलावा देश के सभी विश्वविद्यालयों में महात्मा गांधी के विषय पर और गांधी जयंती पर कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

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