कैम्बे की जामा मस्जिद के नमूने पर तैयार की गई सुल्तान अहमद शाह की मस्जिद

कैम्बे की जामा मस्जिद के नमूने पर तैयार की गई सुल्तान अहमद शाह की मस्जिद

Gyan Prakash Sharma | Updated: 12 Jun 2019, 04:39:52 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

अहमदाबाद : यहां बादशाह करते थे नमाज अदा

अहमदाबाद. अहमदाबाद शहर को बसाने वाले अहमदशाह बादशाह की ओर से कैम्बे की जामा मस्जिद के नमूने पर निर्मित जूनी (पुरानी) जामा मस्जिद के नाम से प्रसिद्ध सुल्तान अहमद शाह की मस्जिद की हालत धीरे-धीरे खराब होने लगी है। बताया जाता है कि शहर में सर्वप्रथम करीब ६५० वर्ष पूर्व बनाई गई इस मस्जिद में बादशाह नमाज अदा करते थे।
प्रसिद्ध मस्जिदों में शामिल सुल्तान अहमद शाह की मस्जिद भी अपने आप में अनूठी है। जनता अन्य मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए जाती थी, लेकिन बादशाह के लिए नमाज अदा करने के लिए इस मस्जिद का निर्माण कराया गया था।
शहर के लालदरवाजा क्षेत्र स्थित इस मस्जिद का निर्माण कार्य कैम्बे की जामा मस्जिद के नमूने पर किया गया है। करीब ६५० वर्ष पुरानी यह शाही मस्जिद मूलत: भद्रगढ़ में स्थित थी। मस्जिद में लगे लेख के अनुसार एक अरबी शिलालेख में बताया गया है कि इसे सुल्तान अहमद शाह प्रथम ने ८१७ हिजरी संवत (१४१४ ईस्वी सन्) में बनाया था। यह अहमदाबाद में अपने प्रकार की प्राचीनतम वास्तुशिल्पीय शैली को प्रस्तुत करती है।
कैम्बे की जामा मस्जिद के नमूने पर तैयार की गई इस मस्जिद की विशेषताएं भी अनेक हैं, जिनमें प्रान्तीय शैली में बने ऊंचे प्रस्तर स्तंभ कोष्ठक कडियां एवं टोड़ेदार छतें। स्तंभदार नमाजगार अपने जालीदार पर्दों की वीथि (मुलुकखाना) के लिए उल्लेखनीय है, जिसका सुल्तान उपयोग किया करते थे।
मस्जिद में घुसते ही हरियाली से पूर्ण बगीचा (लॉन) है और बीच में फुब्बारा चल रहा है, जिसके चारों ओर बैठकर लोग हाथ-पैर धोकर नमाज पढऩे की तैयारी करते हैं। मस्जिद में एक जनानाखाना है। बताया जाता है कि जनानाखाने में बादशाह के शासनकाल में महिलाएं नमाज पढ़ती थी।

जर्जरित हो रही जूनी जामा मस्जिद
जूनी जामा मस्जिद के रूप में प्रसिद्ध शहर की प्रथम सुल्तान अहमद शाह की मस्जिद की हालत फिलहाल जर्जरित होने लगी है। पांच दरवाजों में से मुख्य दरवाजे में दराद जैसी पडऩे लगी हैं। दरवाजे के ऊपर की कुछ जालियां टूटी गई है। महिलाओं के लिए बनाए गए इबादत खाने में की भी हालत खराब है। उसकी जालियां भी टूटी हुई हैं। इतना ही नहीं, अपितु बारिश में मस्जिद में पानी टपकता है। इस संबंध में पुरातत्व विभाग में भी शिकायत की गई, लेकिन अभी तक समस्या का कोई हल नहीं हुआ है।
-मौलाना मोहम्मद मुस्लिम, ईमाम-सुल्तान अहमद शाह की मस्जिद, अहमदाबाद

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