चार घंटे में ही पूरी हुई देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा

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By: nagendra singh rathore

Published: 12 Jul 2021, 12:41 PM IST

अहमदाबाद. देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा सुबह सात बजकर पांच मिनट पर जगन्नाथ मंदिर से रवाना हुई। महज चार घंटे में ही 19 किलोमीटर का सफर तय करते हुए सुबह करीब ११ बजे निज मंदिर पहुंच गई। आम सालों में रथयात्रा पूरी होने में 12 से १३ घंटे का समय लगता है।
कोरोना महामारी के चलते पहरी बार कर्फ्यू के बीच भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा, भाई बलभद्र के साथ १४४वीं बार नगरवासियों को दर्शन देने के लिए निकले थे। १९ किलोमीटर के रथयात्रा मार्ग पर सुबह पांच बजे से ही कर्फ्यू प्रभावी था। लोगों ने भी भरपूर सहयोग दिया। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के जवानों की तैनाती थी।
सरसपुर में भगवान के रथ केवल १० से १५ मिनट ही रुके। सुबह करीब साढ़े आठ बजे रथ सरसपुर पहुंचे। वहां मामेरा (भात) रस्म की गई। गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जाड़ेजा ने सरसपुर भी पहुंचकर रथों और महंत दिलीपदास महाराज का स्वागत किया। इस वर्ष सरसपुर में भक्तों को भोजन नहीं कराया जाएगा।
144वीं रथयात्रा में केवल भगवान के तीन रथों सहित पांच वाहन ही शामिल हुए। एक रथ को २० खलासियों ने खींचा। रथों के आसपास क्राइम ब्रांच और केन्द्रीय अद्र्ध सैनिक बलों का पहरा था।
रथयात्रा में इस वर्ष ना तो हाथी थे, ना ही सजे धजे ट्रक और ना ही भजन मंडलियां और ना ही अखाड़े। रास्ते पर भगवान के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं दिखाई दी। हालांकि कई लोगों ने घरों की खिड़कियों और गलियों के किनारे रहकर भगवान के दर्शन किए। जबकि पुुलिस ने रथयात्रा मार्ग पर पडऩे वाले मकानों की गैलरी, छतों पर भी लोगों के खड़े रहने पर रोक लगाई थी। पूरे 19 किलोमीटर के रूट में रथयात्रा का कहीं भी स्वागत नहीं किया गया। ना ही कहीं पर प्रसाद का वितरण किया गया। लोगों ने टीवी पर ही दर्शन किए।
ज्ञात हो कि बीते वर्ष २०२० में कोरोना महामारी के चलते भगवान जगन्नाथ की १४३वीं रथयात्रा नहीं निकल पाई थी। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। रथयात्रा को मंदिर परिसर में ही निकालकर परंपरा का निर्वहन किया गया था।

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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की मंगला आरती
प्रति वर्ष की तरह केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस वर्ष भी रथयात्रा से पहले परिवार के साथ जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ की मंगला आरती की। शाह ने ट्विट करके इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्विट में कहा कि 'रथयात्रा के शुभ अवसर पर मैं अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर में कई वर्षों से मंगला आरती में भाग लेता आ रहा हूं। हर बार यहां एक अलग ऊर्जा की प्राप्ति होती है।Ó आज भी महाप्रभू की आराधना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। महाप्रभू जगन्नाथ सभी पर सदैव अपनी कृपा व आशीष बनाए रखें।

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मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पांचवीं बार की पहिंद विधि
प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी परंपरा के तहत जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सुबह सात बजे पहिंद विधि की। सीएम रूपाणी ने लगातार पांचवीं बार पहिंद विधि की। उनके साथ उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल और गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जाड़ेजा भी इस विधि में सहभागी हुए। विधि के तहत मार्ग पर झाड़ू लगाते हुए और रथों का विधिवत पूजन करते हुए रथों को प्रस्थान कराया गया।
इससे पूर्व सुबह सबसे पहले भगवान के आंखों की पट्टी खोली गई। मंगला आरती की गई। फिर भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा, बलदाऊ को रथों पर बिठाया गया। सुबह सात बजे सीएम विजय रूपाणी, डिप्टी सीएम नितिन पटेल पहिंद विधि कर उसे रवाना किया।

यूं बढ़ी रथयात्रा
जगन्नाथ मंदिर से सुबह सात बजे भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकली। ७.१५ को जमालपुर दरवाजा, ७.२५ को मनपा कोठा, ७.४८ रायपुर चकला, ७.५८ को खाडिया चार रास्ता, ८.३० बजे सरसपुर पहुंची। वहां से दरियापुर ९ बजे, ९.३० शाहपुर दरवाजा, ९.४५ को आरसी हाईस्कूल, १०.५० को रथ निज मंदिर जमालपुर पहुंचे

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