Ahmedabad News : शारदीय नवरात्र के दौरान गली-मोहल्ले और गांवों में देशी व परंपरागत गरबों की धूम

ग्रामीण क्षेत्रों में देशी तरीके से ढोल की ताल पर गरबा की तैयारी की गई। आणंद शहर में वर्षों से डी.एन. हाईस्कूल में नवरात्रि का आयोजन किया जाता है। यहां अंबाजी की मूर्ति की स्थापना की गई है।

By: Binod Pandey

Updated: 18 Oct 2020, 08:28 AM IST

बुरहान पठाण
आणंद. आणंद व खेडा जिलों में ्शारदीय नवरात्र के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों मेंं प्राचीन और परंपरागत गरबा पर रंगत चढ़ी है। शेरी गरबा के लिए सोसायटियों ने भी तैयारी की। माताजी की आराधना के लिए आणंद व खेडा जिलों में छोटे-बड़े 2500 से अधिक मंदिरोंं में पूजा-आराधना के साथ धार्मिक आयोजन की तैयारी की गई।
नवरात्र के पहले दिन शनिवार सुबह विधिपूर्वक जवारों की स्थापना की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में देशी तरीके से ढोल की ताल पर गरबा की तैयारी की गई। आणंद शहर में वर्षों से डी.एन. हाईस्कूल में नवरात्रि का आयोजन किया जाता है। यहां अंबाजी की मूर्ति की स्थापना की गई है। संचालकों की ओर से नौ दिनों तक माता की आराधना-पूजन-आरती की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बड़ी खोडियार, छोटी खोडियार, महाकाली माता की मंदिर, चामुंडा माता मंदिर, जोगणी माता मंदिर आदि जगहों पर सुबह पूजा सहित धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पेटलाद तहसील के पीपलाव गांव में आशापुरी माता के मंदिर में सुबह माताजी की स्थापना कर पूजा की गई। यहां आठम का हवन महज 150 भक्तों की मौजूदगी में किया जाएगा। चरोतर क्षेत्र के खंभात, पेटलाद, बोरसद, उमरेठ, आंकलाव, सोजित्रा, खेडा, कपडवंज, कठलाल, डाकोर, मातर, वसो समेत तहसीलों में गांव-गांव माताजी की आराधना की जाएगी। नडियाद शहर के मांईमंदिर, अंबाआश्रम, बहुचरमाता के मंदिर सहित छोटे-बड़े सभी मंदिरों में माताजी की विशेष पूजा की गई।

Binod Pandey
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