Ahmedabad News : सरकारी अस्पताल के तत्कालीन चिकित्सक को तीन वर्ष की कैद

गोंडल में रहने वाले ब्रिजराज वाघेला पश्चिम गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (पीजीवीसीएल) में नौकरी करता था। नौकरी में बीमारी का प्रमाण पत्र देने के लिए वह डॉ.रामप्रवेश शाह से मेडिकल सर्टिफिकेट लेने गया तो उससे दो सौ रुपए रिश्वत की मांग की गई। वाघेला ने इसकी शिकायत की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में की।

By: Binod Pandey

Published: 22 Oct 2020, 10:28 AM IST

राजकोट. जिले के गोंडल के सरकारी अस्पताल में तत्कालीन मेडिकल ऑफिसर डॉ. रामप्रवेश शाह को रिश्वत के मामले में अदालत ने तीन वर्ष की कैद की सजा सुनाई। आरोपी चिकित्सक पर बीमारी पर छुट्टी के लिए दो सौ रुपए की रिश्वत स्वीकारने का आरोप था।
जानकारी के अनुसार गोंडल में रहने वाले ब्रिजराज वाघेला पश्चिम गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (पीजीवीसीएल) में नौकरी करता था। नौकरी में बीमारी का प्रमाण पत्र देने के लिए वह डॉ.रामप्रवेश शाह से मेडिकल सर्टिफिकेट लेने गया तो उससे दो सौ रुपए रिश्वत की मांग की गई। वाघेला ने इसकी शिकायत की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में की। एसीबी ने मामले में जाल बिछाकर आरोपी चिकित्सक के लिए रिश्वत स्वीकार करने वाले हसमुख जोशी को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में चिकित्सक शाह और रिश्वत स्वीकार करने वाले हसमुख जोशी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। गोंडल की सत्र अदालत के समक्ष सरकारी वकील घनश्याम डोबरिया ने सभी सबूत पेश किए। इसके बाद अदालत ने रिश्वत के आरोपों के तहत डॉ शाह को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष की कैद और 2500 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

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