Ahmedabad News : 15 लाख का मुद्दामाल जब्त, चोरी के पैसे से ऐश, मौज-मस्ती

12 चोरी का भेद खुला, पिता-पुत्र गिरफ्तार। पुलिस ने बताया कि आनंद ने अपने सहयोगी पियुष के साथ मिलकर लॉकडाउन के दौरान पिछले नौ महीने में राजकोट में 12 चोरी कबूली है। रामकृष्णनगर मेें चोरी के बाद नगदी अपने घर में देकर गहने आदि बेचकर बिल समेत नए गहने खरीदी करता था। फिर इसे भी बेच देता था। वलसाड से सूरत आकर उसने किराए पर मकान लिया था।

By: Binod Pandey

Published: 16 Dec 2020, 12:00 AM IST

राजकोट. क्राइम ब्रांच ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पिछले छह माह के दौरान 12 मकानों में चोरी का भेद खुलने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर उनके पास से 15 लाख रुपए का मुद्दामाल जब्त किया है। आरोपी के विरुद्ध शहर के ग्रांधीग्राम, बी-डिवीजन, ए-डिवीजन, भक्तिनगर, मालवियानगर पुलिस स्टेशन में 32 मामले दर्ज किए गए हैं। आरोपी को वर्ष 2017 में गिरफ्तार भी किया गया था।

वैभवशाली जीवन शैली
शहर के रामकृष्णनगर-13 के पटेल वेपारी के घर में चोरी में संलिप्त आनंद ऊर्फ जयंती जेसंग सीतापरा और उसके पुत्र हसमुख को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मूल जामनगर का आनंद पिछले दो दशक से चोरी में संलिप्त रहते हुए वैभवशाली जीवनशैली अपनाता है। आरोपी आनंद अपने पत्नी, पुत्र और पुत्री के साथ सूरत के समीप पलसाणा रोड पर सोपान सृष्टि बंगलो के 27 नंबर मकान में रहता है। राजकोट के रामकृष्णनगर में चोरी कर वह तब से वलसाड में रहता था। इसके बाद वह घर खाली कर सूरत चला आया था। यहां नए बने 70 बंग्लो में वह रहता था। राजकोट के रामकृष्णनगर में हुए नौ लाख की चोरी में ए-डिवीजन पुलिस ने आनंद केे साथी पियुष अमरेलिया को पकड़ा था। दूसरी ओर क्राइम ब्रांच ने पीएसआई पी एम धाखडा की टीम ने आनंद और उसके पुत्र हसमुख को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के पास से साढ़े 10 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के गहने, सवा लाख रुपए कीमत की दो बाइक, सात हजार रुपए की घड़ी और सवाल लाख रुपए नगद मिलाकर 15 लाख रुपए से अधिक नगदी और सामान बरामद किया।
लॉकडाउन में घर के बाहर सक्रिय रहा आरोपी
पुलिस ने बताया कि आनंद ने अपने सहयोगी पियुष के साथ मिलकर लॉकडाउन के दौरान पिछले नौ महीने में राजकोट में 12 चोरी कबूली है। रामकृष्णनगर मेें चोरी के बाद नगदी अपने घर में देकर गहने आदि बेचकर बिल समेत नए गहने खरीदी करता था। फिर इसे भी बेच देता था। वलसाड से सूरत आकर उसने किराए पर मकान लिया था। नए घर के लिए 80 हजार रुपए का फ्रिज, 60 हजार रुपए का कपड़ा, नया फर्नीचर, 70 हजार रुपए का किराणा सामान खरीदा था। बंग्ला किराए पर लेने के लिए 30 हजार रुपए अग्रिम भुगतान किया था। इसकेे अलावा बेटे के लिए 19 लाख रुपए के कार के लिए डाउन पेंंमेंट भी चुकाया था। मामले में पुलिस कमिश्नर मनोज अग्रवाल, जेसीपी खुर्शीद अहमद, डीसीपी प्रवीण कुमार मीणा, डीसीपी मनोहर सिंह जाडेजा, एसीपी डी वी बसिया के मार्गदर्शन और पीआई वी के गढवी की सूचना के तहत काम करने वाले पीएसआई पी एम धाखडा, हेडकोन्स. मयूर पटेल समेत टीम को उत्कृष्ट काम के लिए 15 हजार रुपए इनाम प्रदान किया गया।

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