Ahmedabad News : राजकोट एम्स के लोगों में गिर के शेर से स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, बांधणी से बापू का चरखा भी

एम्स राजकोट का लोगो: सौराष्ट्र-गुजरात की अस्मिता-संस्कृति का अद्भुत समन्वय

 

 

By: Binod Pandey

Updated: 21 Jul 2021, 08:41 AM IST

राजकोट. गुजरात में पहले ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) को प्राप्त करने का गौरव हासिल करने के बाद राजकोट में इसका निर्माण कार्य जोर-शोर से जारी है। आगामी दिनों में देश के चिकित्सा क्षेत्र में श्रेष्ठ एम्स राजकोट समेत पूरे सौराष्ट्र के स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। इस बीच राजकोट एम्स का लोगो जारी कर दिया गया है। इसमें सौराष्ट्र और गुजरात की सांस्कृतिक पहचान, अस्मिता को दर्शाने का भरपूर प्रयास किया गया है।


एम्स के नीले और केसरी रंग के लोगो में समृद्ध वैदिक मंत्र सर्वे संतु निरामया और चिकित्सकीय ज्ञान को प्रकाशित करता मंत्र विद्या अमृतम श्रुते को शामिल किया गया है। इसके अलावा देश ही नहीं सम्पूर्ण एशिया में सौराष्ट्र की खास पहचान को बताने वाले गिर के शेरों की प्रतिकृति भी लोगो में अंकित की गई है। शेर ताकत, साहस, हिम्मत और सर्वोच्य शक्ति के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। गुजरात को हीरा के केन्द्र (डायमंड हब) के रूप में भी जाना जाता है। लोगो पर हीरे की तस्वीर श्रेष्ठता और प्रकाश के प्रतीक के रूप में स्थापित है। लोगो का नीला रंग ऊर्जा और बाहरी डिजाइन सौराष्ट्र की परंपरागत बांधणी की प्रतिकृति के रूप में दिखाई देती है। लोगो में 33 तरह के चीजों का ताना-बाना रचा गया है, जो राज्य के 33 जिलों को एक रूप में पिरोए होने का संकेत देते हैं।
इस लोगों के अंदर शेर की प्रतिकृति के साथ दांडिया खेलता युगल है। समग्र विश्व में गुजरात का दांडिया नृत्य प्रसिद्ध है। इस लोगों में विद्या अमृतक श्रुते का मंत्र है जो ज्ञान के सिंचन से अमृत प्राप्ति का संदेश देता है। लोगों में खुली हुई किताब ज्ञान सभी के लिए बात को अंगित करता है। एम्स देश के 18000 विद्यार्थियों के लिए ज्ञान-विज्ञान की कला सीखने और शोध के लिए उपयोगी साबित होगा।

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लोगों के नीचे के भाग में समुद्र है जो बताता है कि यह सिर्फ गुजरात का लंबा समुद्र किनारा नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण पृथ्वी पर जीवन के आरंभ का प्रतीक है। एम्स के लोगो की आंख यानी चिकित्सक जिसे पृथ्वी पर लोग भगवान की तरह मानते हैं, उसके साथ शांति, जीवन की नई चेतना शक्ति देनेवाले का प्रतीक है। इसमें गुजरात की नई पहचान देने वाले स्टेच्यू ऑफ यूनिटी भी प्रतीक के रूप में शामिल है, इसके साथ चरखा भी दिखाया गया है। लोगो के बीच स्टार अंकित है, जो अच्छे भविष्य, शुद्धतापूर्ण जीवन को आगे ले जाने की प्रेरणा देता प्रतीत होता है। चरखा को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और गुजरात के ग्रामोद्योग स्वरोजगार के प्रतीक के रूप में शामिल किया गया है।

Binod Pandey
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