'प्लाज्मा बैंक बनें, प्लाज्मा थैरेपी को मिले प्रोत्साहन'

Ahmedabad news, Gandhinagar, plasma therapy, laboratory, corona: हर जिलो में सरकारी शुरू हो सरकारी लेबोरेटरी

By: Pushpendra Rajput

Published: 20 Jul 2020, 08:46 PM IST

गांधीनगर. कोरोना (corona) संक्रमण न सिर्फ देश में बल्कि गुजरात (Gujarat) में तेजी से पैर पसार रहा हैं। गुजरात में कोरोना संक्रमितों को आंकड़ा पचास हजार तक पहुंच गया है। अब कोरोना संक्रमण सिर्फ शहरों तक ही नहीं बल्कि गांवों में फैल रहे हैं। इसके लिए जहां प्लाज्मा थैरेपी (plasma therapy) को प्रोत्साहन देना चाहिए। वहीं प्लाज्मा बैंक भी बनाना चाहिए। साथ ही गुजरात के हर जिलों में सरकारी लेबोरेटरी के साथ-साथ अस्पतालों में अत्याधुनिक मशीनरी (machinary) उपलब्ध कराना चाहिए। गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (leader of opposition) परेश धानाणी ने मुख्यमंत्री (chief minister) विजय रूपाणी को पत्र भेजकर यह मुद्दा उठाया है।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण का अमल 23 मार्च से शुरू हुआ, और अब लॉकडाउन  (lockdown)-5 अमल में हैं, और लॉकडाउन के साथ-साथ अनलॉक-1 और अनलॉक-2 किया है, लेकिन कोरोना संक्रमितों की संख्या घटने के बजाय लगातार बढती जा रही है। हालांकि हमने लॉकडाउन से पूर्व ही 21 मार्च को राज्य की हर तहसील में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच (health check up) और उपचार की व्यवस्था करने के लिए अनुरोध किया था। यही नहीं बाद में भी समय-समय पर आग्रह किया गया। 26 मार्च को सभी सिविल अस्पतालों में तुरंत 100 बेड की आइसोलेटेड वॉर्ड बनाने, आईसीयू वॉर्ड में सेन्ट्रल ऑक्सीजन आपूर्ति, वेन्टीलेटर समेत सुविधाओं विकसित करने के लिए भी अनुरोध किया था। साथ ही 108 एम्बुलेंस में कोरोना टेस्टिंग की किट रखवाकर कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने, प्रत्येक सिविल अस्पताल की लेबोरेटरी में टेस्टिंग सुविधा विकसित करने के लिए भी आगाह किया था। इसके अलावा अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट और भावनगर के सभी निजी मल्टी स्पेश्यालिटी अस्पतालों को राज्य सरकार अधीनस्थ लेकर कोरोना संक्रमितों का नि:शुल्क उपचार कराने का भी आग्रह किया, लेकिन राज्य सरकार कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने में विफल रही हैं। कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते ही संक्रमण तेजी से फैल गया।

प्लाज्मा दान करने वालों पुरस्कार दें
धानाणी ने सुझाव देते कहा कि कोरोना के उपचार में प्लाज्मा थैरेपी उपयोगी साबित हो रही है ऐसे में अन्य राज्यों में कोरोना से स्वस्थ हुए मरीजों का बड़े पैमाने पर प्लाज्मा दान करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। यहां तक कि प्रोत्साहन के तौर पर नकद पुरस्कार भी देना चाहिए। साथ ही प्लाज्मा बैंक बनाना चाहिए। प्लाज्मा दान करने वाले को भी नकद पुरस्कार से प्रोत्साहित करना चाहिए। इसके अलावा कोरोना वायरस का तीव्रता से टेस्ट करवाना चाहिए। इसके लिए राज्य के हर जिलों में सरकारी लेबोरेटरी में स्थापित करनी चाहिए और अत्याधुनिक ऑटोमेटिक मशीरी उपलब्ध करानी चाहिए।

Pushpendra Rajput Reporting
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