आपकी जुबानी आपबीती सुनेगी अहमदाबाद पुलिस, बन रहा एॅप

शहर के बढ़ते दायरे और अपराध के बीच थानों में शिकायत की सही सुनवाई नहीं होने की समस्या से अहमदाबादवासियों को छुटाकारा दिलाने की दिशा में शहर पुलिस कार्

By: मुकेश शर्मा

Published: 11 Sep 2017, 09:05 PM IST

अहमदाबाद।शहर के बढ़ते दायरे और अपराध के बीच थानों में शिकायत की सही सुनवाई नहीं होने की समस्या से अहमदाबादवासियों को छुटाकारा दिलाने की दिशा में शहर पुलिस कार्य कर रही है। शहरीजन अपनी जुबानी आसानी से अहमदाबाद पुलिस को आपबीती सुना सकेंगे। इसके लिए शहर पुलिस तकनीक का उपयोग करते हुए मोबाइल एप बनवा रही है।
भारतीय प्रबंध संस्थान-अहमदाबाद (आईआईएम-ए) के विद्यार्थी इस मोबाइल एप्लीकेशन को विकसित करने के प्रोजेक्ट ‘सिटीजन वॉच’ पर काम कर रहे हैं।

ताकि शहरवासियों को अपनी समस्या बताने के लिए, आपातकाल में मदद मांगने के लिए थानों में जाने से छुटकारा दिलाया जा सके। इतना ही नहीं इस मोबाइल एप की मदद से अहमदाबादी अपनी शिकायत अपनी जुबानी आसानी से बता सकेंगे। इससे जहां कई लोगों को थाने में जाकर पुलिस को समस्या बताने में लगने वाले डर से छुटकारा मिलेगा, वहीं वह खुलकर अपनी बात पुलिस को बता सकेंगे। इतना ही नहीं वह जहां पर हैं वहीं से संदिग्ध गतिविधियों के बारे में या असामाजिक प्रवृत्तियों के बारे में भी सूचना पुलिस को दे सकेंगे। पहचान भी छिपा सकेंगे। अपने शब्दों में अपनी बात, चिंता बता सकेंगे। आपात परिस्थिति में मदद भी मांग सकेंगे।

आसानी से पुलिस सेवा देना उद्देश्य : सीपी

सीपी ए.के.सिंह बताते हैं कि इस एप को विकसित करवाने का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को जरूरत के समय आसानी से पुलिस सेवा उपलब्ध कराना है। स्मार्टफोन की बढ़ती संख्या और तकनीकप्रिय युवा पीढ़ी को देखते हुए मोबाइल एप के माध्यम से यह संभव है। मौजूदा सुविधाओं में शहर पुुलिस कंट्रोलरूम से भी बेहतर प्रतिभाव दिया जा रहा है। थाने भी हैं, लेकिन कई बार लोग पुलिस को बुलाना नहीं चाहते हैं, थाने में जाने से हिचकते हैं। उन्हें थानों में पर्याप्त प्रतिभाव नहीं मिलने की शिकायत रहती है, फिर भी वह पुलिस से कुछ कहना चाहते हैं। ऐसे में यह एप्लीकेशन ऐसे लोगों तक पुलिस सेवा को पहुंचाने की दिशा में बेहतर विकल्प साबित होगी।

एप से होंगे ये फायदे...

* मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए युवा, विशेषकर युवतियां उनके साथ जिन स्थलों पर ज्यादा छेडख़ानी होती है उसकी शिकायत आसानी से कर सकेंगीं।
* अपनी पहचान बताए बिना पुलिस को ऐसी जगहों की जानकारी दे सकेंगीं।
* लोगों को थाने जाकर अपनी बात करने से छुटकारा मिलेगा।
* पुलिस सेवा को सुलभ व बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
* वरिष्ठ नागरिक भी अपनी बात पुलिस से कह सकेंगे, रजिस्ट्रेशन में मदद मिल सकती है।
* लोग उनके घर, ऑफिस के आसपास की असामाजिक प्रवृत्तियों, गतिविधियों की जानकारी दे सकेंगे।
* संदिग्धों की भी जानकारी दे सकेंगे।
* मौजूदा व्यवस्थाओं जितना आर्थिक खर्च भी नहीं करना होगा।

नगेन्द्र सिंह

मुकेश शर्मा Reporting
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