Ahmedabad railway station पर लगाई टच फ्री लगेज सेनेटाइजिंग मशीन

Ahmedabad railway station, senetizing machine, luggage, footwear : पहले कर्मचारी पम्प से करते थे लगेज सेनेटाइजिंग

By: Pushpendra Rajput

Published: 14 Jun 2020, 09:31 PM IST

गांधीनगर. कोरोना वायरस )(Corona virus) का संक्रमण को रोकने के लिए रेलवे भी हर कारगर कदम उठा रहा है। अहमदाबाद रेलवे स्टेशन (Ahmedabad railway station) पर जहां पहले क्लीनिंग स्टाफ (Cleaning staff) रेलवे यात्रियों के लगेज की सेनेटाइजिंग (luggage senetizing) करते थे, लेकिन अब एक ऐसा मशीन लगाया गया है जिसमें रेलवे यात्रियों का लगैज ऑटोमैटिक सेनेटाइजिंग हो जाएगा। यही नहीं फूटवेयर भी सेनेटाइज हो जाएंगे। यह टच फ्री सेंसर (free sensor) ऑपरेटेड पैसेंजर लगेज सेनेटाइजिंग मशीन अहमदाबाद मंडल के पर्यावरण मानव संसाधन (ईएनएचएम) विंग ने तैयार किया है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रविन्द्र भाकर के अनुसार अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से कई चुनिंदा स्पेशल ट्रेनें शुरू की गई हैं, लेकिन रेलवे स्टेशन सबसे बड़ी समस्या थी उन यात्रियों के लगेज की सेनेटाइजिंग करने की।। इसके लिए रेलवे स्टेशन पर तीन से चार सफाई कर्मियों को तैनात किया गया था, जो पन्द्रह किलोग्राम का पम्प पीठकर रखकर लगेज सेनेटाइजिंग करते थे, लेकिन अहमदाबाद के वरिष्ठ मंडल अभियंता (ईएनएचएम ) ने टच फ्री सेंसर ऑपरेटेड पैसेंजर लगेज सेनेटाइजिंग मशीन तैयार कराई। इसके चलते अब यात्रियों का सामान ऑटोमैटिक सेनेटाइजिंग हो सकेगा। ऐसा होने से 3 से 4 सेनेटाइजिंग कर्मी बचेंगे, जिन्हें अन्य सफाई कार्यों में लगाया जाएगा।
वहीं अहमदाबाद स्टेशन पर फुटवेयर सेनेटाइजर मैट भी लगाया गया है, जिसमें रेलवे स्टेशन पर प्रवेश करते समय यात्रियों के फुटवेयर का ऑटोमैटिक सेनेटाइजिंग हो जाएगा। इसके जरिए कोविड-19 को फैलने से रोका जा सकेगा।
मास्क व सेनेटाइजर के लिए ऑटोमैटिक वेडिंग मशीन
इसके अलावा अहमदाबाद स्टेशन पर प्लेटफॉर्म एक की ओर (कालुपुर साइड) कानकॉर्स हॉल में मास्क व सेनेटाइजर के लिए ऑटोमैटिक वेडिंग मशीन लगाई गई है। यह पहला प्रयोग है, जहां अहमदाबाद स्टेशन पर ऑटोमैटिक वेडिंग मशीन लगाई गई जिसमें 95 मास्क 3-प्लाई मास्क तथा सैनिटाइजर की की बिक्री होगी। यह सुविधा यात्री व रेल उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होगी। इस वेडिंग मशीन में ई-पेमेंट व केश पेमेंट दोनों विकल्प उपलब्ध है। इस मशीन से पी पी ई किट भी उपलब्ध होगी, जो उच्च गुणवता युक्त तथा बाज़ार भाव से प्राप्त किए जा सकेंगे। इस प्रोजेक्ट से रेल प्रशासन को 12000 रुपए की वार्षिक आमदनी भी होगी।

Pushpendra Rajput Reporting
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