एम्बुलेंस की लाइन से अस्पताल की कार्यक्षमता को कमजोर नहीं आंका जा सकता

कोरोना महामारी के बीच व्यवस्थाओं को लेकर बोले चिकित्सक...

 

By: Omprakash Sharma

Published: 14 Apr 2021, 11:06 PM IST

अहमदाबाद. शहर के सिविल अस्पताल परिसर के कोविड अस्पतालों में भर्ती करने की प्रक्रिया के दौरान सुखियां में आईं एम्बुलेंस की कतारों को लेकर चिकित्सकों का कहना है कि इससे सिविल अस्पताल की कार्यक्षमता से सीधा संबंध नहीं है। एम्बुलेंस की लाइन होने से निर्धारित प्रक्रिया को भंग नहीं किया जा सकता है। राज्य के सभी सिविल अस्पतालों की टीम परिश्रम कर मरीजों को बचाने के प्रयास में लगी हुई हैं।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जयप्रकाश मोदी ने कहा कि कोरोना ग्रस्त मरीज को अस्पताल में दाखिल करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना ही पड़ता है, क्योंकि इसके लिए प्रक्रिया का उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद समेत राज्य के तमाम सिविल अस्पतालों में यह दोषारोपण गलत है कि एम्बुलेंस की लंबी कतारें हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि एम्बुलेंस की कतारों से अस्पतालों की कार्यक्षमता को कमजोर नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंन कहा कि हर चिकित्सक और उनकी टीम मरीज की जल्दी से जल्दी रिकवरी चाहती है। मरीज जहां तक ठीक नहीं हो जाता है वहां तक चिकित्सा टीम परिश्रम करती है। कोरोना के मरीज को एक साथ भर्ती करने और छुट्टी देने में कई बातों का ध्यान रखना होता है।
कभी-कभी मरीज का आरटीपीसीआर टेस्ट नेगेटिव आ जाता है लेकिन कमजोर हुए फेफड़ों के कारण उसे महीनों तक भी अस्पताल में रहना पड़ सकता है।
अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश पटेल के अनुसार राज्य के सभी सिविल अस्पतालों में मरीजों के अच्छे से अच्छे उपचार के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार भी इसके लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के सामने लंबी लाइन से अस्पताल की कार्यक्षमता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते हैं।

Omprakash Sharma Reporting
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