अहमदाबाद. अहमदाबाद महानगर पालिका ने भले ही शहर से सटे गांधीनगर जिले के झुंडाल गांव को मनपा के क्षेत्र में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन इस बात से झुंडाल गांव के लोग ज्यादा खुश दिखाई नहीं दे रहे। ज्यादातर लोगों को अहमदाबाद मनपा में शामिल होने की स्थिति में मकान, पानी, बिजली का टैक्स बढऩे और शिकायतों के निपटारे में भी देरी होने का डर सता रहा है।

भवान सिंह वाघेला का कहना है कि वे इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं। झुंडाल ग्राम पंचायत के चलते गांव का विकास हो रहा है। अहमदाबाद महानगर पालिका में शामिल होने के बाद नहीं ऐसा नहीं हो सकेगा। त्रागड़ गांव भी करीब चार पांच साल पहले अहमदाबाद महानगर पालिका में शामिल हुआ था। इसके बावजूद इस क्षेत्र का ज्यादा विकास नहीं हो पाया है। ये स्थिति तब है जब त्रागड गांव में एएमटीएस का टर्मिनल है। फिर भी वहां पर अभी तक ज्यादा सुविधाएं विकसित नहीं हो सकी हैं। पंचायत के सदस्य मिलकर विकास की योजना बनाते हैं, यदि गांव मनपा में शामिल होगा तो वहां पर इतनी सुनवाई नहीं होगी।

विक्रम पटेल का कहना है कि झुंडाल यदि मनपा में जाएगा तो टैक्स बढ़ जाएगा, वह लोगों के लिए महंगा पड़ेगा।

अहमदाबाद महानगर पालिका की स्थाई समिति ने बोपल-घुमा नगर पालिका और झुंडाल, कोटेश्वर, भाट, चिलोडा, नरोडा सिटी, कठवाडा, अमियांपुर ग्राम पंचायतों को अहमदाबाद मनपा में शामिल करने का निर्णय करके मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा है।
इसके अलावा इकोनोमिकल वीकल सेक्शन के सर्वे नंबर खोरज, खोडियार, सनाथल, विसलपुर, गेरतनगर, विलासिया, रणासण, सुघड के सर्वे नंबरों को भी अहमदाबाद महानगर पालिका में शामिल करने का निर्णय हुआ है। जिससे अहमदाबाद शहर का मौजूदा क्षेत्र ४६४ वर्ग किलोमीटर से करीब ५०-५५ वर्ग किलोमीटर और बढ़ जाएगा। जिससे अहमदाबाद मनपा का कुल क्षेत्र करीब ५०० वर्ग किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगा।

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