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इंजीनियरिंग के बाद अब हिंदी भाषा में भी कर सकेंगे मेडिकल की पढ़ाई: शाह

locationअहमदाबादPublished: Sep 27, 2022 10:07:26 pm

Amit shah said, Now Students can study medical course in hindi केन्द्रीय गृहमंत्री की बड़ी घोषणा, 16 अक्टूबर को अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में खुद कराएंगे शुरुआत, गांधीनगर के लेकावाड़ा में जीटीयू के स्थायी परिसर की रखी नींव

इंजीनियरिंग के बाद अब हिंदी भाषा में भी कर सकेंगे मेडिकल की पढ़ाई
इंजीनियरिंग के बाद अब हिंदी भाषा में भी कर सकेंगे मेडिकल की पढ़ाई

Ahmedabad. केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को गांधीनगर से बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग (बीई) के बाद अब मेडिकल (एमबीबीएस) की पढ़ाई भी हिंदी भाषा में की जा सकेगी। वे खुद 16 अक्टूबर को अटल बिहारी वाजपयी हिंदी विश्वविद्यालय (भोपाल) से इसकी शुरुआत कराएंगे। पूरे प्रथम सेमेस्टर के कोर्स को हिंदी में शुरू कराएंगे। शाह ने यह बात गांधीनगर के लेकावाड़ा गांव में गुजरात तकनीकी विश्वविद्यालय (जीटीयू) के 100 एकड़ में बनने वाले स्थायी परिसर की आधार शिला रखने के दौरान आयोजित समारोह को संबोधित करने के दौरान कही। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने नई शिक्षा नीति-2020 में क्षेत्रीय भाषाओं तवज्जो दी है। क्योंकि जब विद्यार्थी अपनी भाषा में सोचता है तभी वह अच्छी शोध कर सकता है। इसमें उसकी नैसर्गिक शक्ति काफी बढ़ जाती है। दूसरी भाषा में सोचता है तो सिर्फ रटा रटाया ज्ञान पा सकता है। यही वजह है कि जेईई मैन्स और नीट जैसी प्रवेश परीक्षाओं को 12 क्षेत्रीय भाषाओं और कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट को 13 भाषाओं में लिया जा रहा है। इतना ही नहीं इंजीनियरिंग के बीई से लेकर एमई तक के कोर्स को हिंदी, तमिल, कन्नड, तेलगू, मराठी, बंगाली और गुजराती भाषा में अनुवाद कर उपलब्ध कराने का काम भी शुरू किया जा चुका है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी भाषा (मातृभाषा) में सोचने और आगे बढऩे की अपील करते हुए कहा कि इसके लिए मोदी सरकार ने पूरी व्यवस्था की है। उन्होंने नई शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा के लिए की गई 4 वर्टिकल की पहल के बारे में भी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का गठन किया है। 59 विश्वविद्यालयों ने कई पाठयक्रम ऑनलाइन उपलब्ध कराए हैं, जिससे विश्वविद्यालयों की सीमा की बाधा विद्यार्थियों को आड़े नहीं आएगी। शाह ने कहा कि जीटीयू में 4 लाख छात्र तकनीकी अध्ययन कर आगे बढ़ रहे हैं। यहां 15 हजार प्राध्यापक हैं। इनके लिए बेहतर सुविधा वाला स्थायी परिसर विकसित किया जाएगा।

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