75वीं वर्षगांठ पर अमूल समूह का कारोबार 53 हजार करोड़ रुपए पार

दैनिक 250 लीटर से 290 लाख लीटर दूध एकत्र कर बनाया रेकॉर्ड

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 22 Jul 2021, 12:07 AM IST

आणंद. अमूल सहकारी आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर अमूल समूह की ओर से 53 करोड़ रुपए का कारोबार पार किया गया है। दैनिक 250 लीटर दूध एकत्र करने वाले अमूल फेडरेशन ने वर्तमान में 290 लाख लीटर दूध एकत्रकर रेकॉर्ड बनाया है।
अमूल सहकारी आंदोलन की शुरुआत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से पहले वर्ष 1946 में हुई। उस समय खेडा जिले के किसान ब्रिटिश सरकार की शोषणकारी नीति के खिलाफ हड़ताल पर गए थे। वर्ष 1946 में दो छोटे गांवों से रोजाना 250 लीटर दूध एकत्र कर अमूल सहकारी संरचना की शुरुआत की गई। वर्तमान में 290 लाख लीटर दूध रोजाना एकत्रकर अमूल फेडरेशन शिखर पर पहुंच गया है और गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (अमूल फेडरेशन) भारत का सबसे बड़ा खाद्य उत्पादन करने वाली संस्था के तौर पर पहचाना जाता है।
वर्ष 2020-21 में अमूल फेडरेशन के बैनरतले दुग्ध संघों की ओर से दूध संग्रहण में पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कोविड महामारी के बीच अमूल फेडरेशन से संबद्ध दुग्ध संघ प्रतिदिन 35-40 लाख लीटर दूध रोजाना संपादित करते हैं। अमूल फेडरेशन की मंगलवार को हुई 47वीं वार्षिक सामान्य सभा की बैठक में फेडरेशन के वार्षिक परिणाम घोषित किए गए। कोरोना महामारी के नकारात्मक प्रभाव, रेस्टोरेंट, होटल, केटरिंग के कारोबार में मांग में कमी के बावजूद अमूल फेडरेशन का कारोबार ने 2020-21 में 39,248 करोड़ रुपए और अमूल समूह का कारोबार 53 हजार करोड़ रुपए दर्ज किया गया।
अमूल फेडरेशन के अध्यक्ष शामल पटेल ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में दूध संग्रह में 171 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस अवधि के दौरान दुग्ध उत्पादकों को भुगतान किए जाने वाले 136 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अमूल फेडरेशन के वाइस चेयरमैन वलमजी हुंबल ने कहा कि संस्था का अंतिम लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी संगठन बनना और भारत व बाहर के लोगों के स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में अमूल अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे कर रहा है और भारत के डेयरी सहकारी आंदोलन के प्रणेता डॉ. वर्गीज कुरियन की जन्म शताब्दी भी मनाई जा रही है।
अमूल फेडरेशन के प्रबंध निदेशक डॉ. आर.एस. सोढ़ी ने कहा कि संस्था की ओर से उत्पादों की घरेलू खपत पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ग्राहकों को अपने उत्पादों और रेस्तरां शैली के व्यंजनों की श्रेणी के बारे में जानकारी देने के लिए विपणन अभियानों को फिर से डिजाइन किया है। अमूल कार्ट ऐप के माध्यम से अमूल की ओर से खुदरा विक्रेताओं को अपने वितरकों के सामने ऑनलाइन ऑर्डर देने का अवसर प्रदान किया है। अमूल के सहकारी आंदोलन के 75 वर्ष और डॉ. कुरियन के जन्म शताब्दी वर्ष के तहत विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।

Rajesh Bhatnagar
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