अमूल में प्रतिदिन २६० लाख लीटर दूध एकत्र

लॉक डाउन के बीच
१५ लाख लीटर दूध की खपत हुई है कम

By: Omprakash Sharma

Updated: 18 Apr 2020, 09:09 PM IST

आणंद. कोरोना वायरस के चलते जारी लॉक डाउन में अनेक व्यवसाय बंद हैं। ऐसे में आणंद के अमूल फेडरेशन ने १८ संघ और ३६ लाख से अधिक दूध उत्पादक और ग्राहकों के हित में दूध एकत्र करने से लेकर प्रोसेसिंग और मार्केटिंग की कार्रवाई सावधानी पूर्वक जारी रही है।
अमूल फेडरेशन के चेयरमैन रामसिंह परमार के अनुसार गुजरात में दूध संघों के माध्यम से अप्रेल २०२० में प्रतिदिन २५५ से २६० लाख लीटर दूध एकत्र किया जा रहा है। गत वर्ष के मुकाबले यह संपादन १५ फीसदी अधिक है। गुजरात सरकार के आदेश से उन दूध मंडलियों का भी दूध स्वीकार किया जा रहा है जिनसे फेडरेशन का करार नहीं था। जिससे दूध का अधिक संपादन हो रहा है। हाल में लॉक डाउन के बीच मिठाई की दुकान, चाय की दुकान और आइस्क्रीम की दुकानें बंद होने से दूध की खपत कम है लेकिन अन्य उत्पाद जैसे घी, दूध पाउडर आदि की खपत बढ़ी है। कोरोना वायरस के चलते फेडरेशन से जुड़े सभी छोटे बड़े लोग सतर्कता बरते हुए हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन से जुड़े हुए कर्मचारियों का स्वास्थ्य भी समय समय पर जांचा जा रहा है।
प्रतिदिन १५ लाख लीटर दूध की बिक्री कम
चेयरमैन परमार के अनुसार गत महीने १४० लाख लीटर दूध पाउच के माध्यम से बेचा जाता था। हाल में पाउच के आधर पर १२५ लाख लीटर ही बेचा जा रहा है। जिससे प्रतिदिन १५ लाख लीटर दूध की बिक्री हो रही है। उनके अनुसार भले ही दूध की बिक्री कम हुई है लेकिन दूध पाउडर की बिक्री १५ से ५० फीसदी तक बढ़ गई है। इसके विपरीत आइस्क्रीम की बिक्री में ७० फीसदी तक की कमी आई है।
राहत कोष में दिए १५ करोड़
चेयरमैन परमार के अनुसार हाल की विकट परिस्थिति को ध्यान में रखकर गुजरात की सहकारी डेयरी उद्योग की ओर से प्रधानमंत्री राहत कोष एवं मुख्यमंत्री राहत कोष में कुल १५ करोड़ रुपए का दान किया है। अमूल डेयरी ने दूध मंडलियों के छह लाख सभासदों को राशन किट का भी वितरण किया है।

Omprakash Sharma Reporting
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