Gujarat: लव जिहाद विरोधी कानून: प्राथमिकी रद्द करने को लेकर गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार ने मांगा जवाब

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By: Uday Kumar Patel

Updated: 10 Sep 2021, 10:39 PM IST

अहमदाबाद. गुजरात हाईकोर्ट ने लव जिहाद विरोधी कानून के तहत राज्य सरकार से एक महिला की ओर से पति, सास-ससुर व अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने में विरोध को लेकर जवाब मांगा है।
जस्टिस इलेश वोरा ने इस मामले में राज्य सरकार से शपथपत्र पेश करने को कहा है। इसमें यह जवाब मांगा गया है कि क्या राज्य सरकार इस मामले में विरोध करना चाहती है कि जिसमें आरोपी की पत्नी ने यह कहा है कि परिवार में सामान्य घरेलू विवाद के बाद उसने अपने पति और सास-ससुर के खिलाफ यह प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसका अब आपसी समाधान हो गया है।

इस मामले में याचिकाकर्ता पत्नी के साथ-साथ पति व अन्य ने प्राथमिकी रद्द करने की गुहार लगाई है। इसमें यह कहा गया कि प्राथमिकी में विवाह के मार्फत जबरन धर्मान्तरण की बात कुछ धार्मिक-राजनीतिक ग्रुप की ओर से दवाब के कारण बाद जोड़ी गई जिससे यह मुद्दा सांप्रदायिक रंग ले सके।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वडोदरा के गोत्री थाने के समक्ष उसकी शिकायत में घरेलू वैवाहिक मुद्दा से ज्यादा कुछ भी नहीं थी। यह भी कहा गया है कि प्राथमिकी में लगाए गएअंतरधर्मीय विवाह जबरन कराए जाने के आरोप सही नहीं हैं। इस मामले में पुलिस पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होने के आरोप लगाए गए हैं।

Uday Kumar Patel Reporting
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