Gujarat: लव जेहाद विरोधी कानून: पत्नी के साथ पति ने भी लगाई है प्राथमिकी रद्द करने की गुहार

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By: Uday Kumar Patel

Updated: 10 Sep 2021, 10:45 PM IST

इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से याचिकाकर्ता के इस दावे की जांच करने को कहा है कि क्या शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच विवाद का निपटारा हो गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 सितम्बर रखी गई है।

आरोपी की पत्नी के साथ-साथ उसके पति, सास-ससुर सहित 8 लोगों ने इस संबंध में दर्ज शिकायत कोरद्द करने की गुहार को लेकर गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

संशोधित कानून के बाद दर्ज किया गया था पहला मामला

इसे गुजरात धार्मिक स्वातंत्र्य (संशोधन) अधिनियम, 2021 या लव जिहाद विरोधी कानून) के तहत पहली प्राथमिकी मानी गई थी। गत 15 जून को इस कानून के अधिसूचित होने के दो दिन बाद यह मामला दर्ज किया गया था। इसके तहत इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लव जिहाद विरोधी कानून के अलावा भारतीय दंड संहिता व अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (उत्पीडऩ निषेध) अधिनियम के तहत आरोप भी दर्ज किए गए।


कड़े हैं प्रावधान

लव जिहाद विरोधी कानून में विवाह के मार्फत जबरन धर्मान्तरण के तहत दंड के कड़े प्रावधान हैं। इस मामले में आपसी समाधान होने के बाद पति और पत्नी व अन्य ने संयुक्त रूप से प्राथमिकी रद्द करने की गुहार लगाई है।
उल्लेखनीय है कि गत महीने हाईकोर्ट ने इस कानून के कुछ प्रावधानों पर रोक लगा दी थी जिस पर राज्य सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही थी।

Uday Kumar Patel Reporting
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