Ahmedabad News : एंटीजन, आरटी-पीसीआर को गच्चा दे रहे कोरोना को पकड़ रहा सीटी स्कैन

सीटी स्कैन की रिपोर्ट है फेफड़ों में कोरोना जांच का मुख्य आधार : डॉक्टर सीटी स्कैन के आधार पर कोरोना का परिणाम 95 फीसदी सटीक मान रहे

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 30 Sep 2020, 03:10 PM IST

ओमप्रकाश शर्मा/राजेश भटनागर.

अहमदाबाद. कोरोना के टेस्ट के लिए फिलहाल एन्टीजन और आरटी-पीसीआर की जांच फिलहाल चलन में है। विशेषज्ञ इन दोनों टेस्ट के मुकाबले सिटी स्कैन की सेंसिविटी ज्यादा सटीक बता रहे हैं। जब एन्टीजेन और आरटीपीसीआर टेस्ट के परिणाम नेगेटिव आते हैं और चिकित्सक को कोरोना होने का संशय होता है तो सीटी स्कैन की सलाह दी जाती है। इसलिए एंटीजन, आरटी-पीसीआर के विफल रहने पर कारगर साबित हो रहा है।
वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन व एसोसिएशन ऑफ चेस्ट फिजिशियन ऑफ गुजरात के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरेन्द्र रावल बताते हैं कि कोरोना को लेकर एंटीजन टेस्ट में तुरंत परिणाम आता है। 40 से 45 प्रतिशत कोरोना रोग होने पर भी इसका परिणाम नेगेटिव आ सकता है। आरटी-पीसीआर टेस्ट का परिणाम 12 घंटों में आता है। 20 से 25 प्रतिशत कोरोना होने पर भी परिणाम नेगटिव आ सकता है। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में निमोनिया का प्रतिशत रोग का मुख्य आधार है। इसलिए सीटी स्कैन के आधार पर कोरोना का परिणाम 95 प्रतिशत तक सही हो सकता है।

सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क सीटी स्कैन

देश के राज्यों के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन नि:शुल्क किया जा रहा है। कोविड के सभी ऐसे अस्पताल जिनको राज्य सरकार ने नियंत्रण में लिया है वहां भी नि:शुल्क सीटी स्कैन की व्यवस्था है। राज्य अपने स्तर पर निजी अस्पतालों में कोरोना टेस्टिंग की तरह सीटी स्कैन की फीस भी नियंत्रित कर सकते हैं।

सीटी स्केन की रिपोर्ट को ध्यान जरूर रखें

डॉ. रावल ने कहा कि आरटी पीसीआर की रिपोर्ट नेगेटिव आने, कोरोना के लक्षण कम होने, मरीज के रक्त की जांच में से कोई पॉजिटिव या नेगेटिव रिपोर्ट आए, उन सबसे ज्यादा अच्छा सीटी स्केन से कोरोना के निमोनिया की रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सकों को मरीज का उपचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीज की शिकायत, कोरोना के टेस्ट, रक्त जांच और सीटी स्कैन में से चिकित्सकों को सीटी स्कैन की रिपोर्ट को ध्यान में रखकर दवाई देनी चाहिए।

जरूरतमंदों की सीटी स्कैन नि:शुल्क

सिविल अस्पताल के साथ-साथ अहमदाबाद मनपा की ओर से अधिग्रहित 59 अस्पतालों के साथ राज्य भर के सिविल अस्पतालों में सीटी स्कैन नि:शुल्क किया जाता है। राज्य सरकार और मनपा की ओर से कई जगहों पर जरूरतमंद मरीजों की सीटी स्कैन भी निशुल्क की जा रही है।

सीटी स्कैन में दिखता है कोरोना का असर

एन्टीजेन टेस्ट की सेंसिविटी 40 फीसदी के आसपास है जबकि आरटीपीसीआर की 60 फीसदी है। इनके मुकाबले सीटी स्कैन की सेंसिविटी 90 से 95 फीसदी तक है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि फेफड़ों में फैले निमोनिया के प्रभाव को सीटी स्कैन से आसानी से पकड़ा जा सकता है।
- डॉ. प्रवीण गर्ग, सीनियर फिजिशियन

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