गुजरात में कोरोना नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई आयुष पद्धति

-वृद्ध, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष किट

By: Omprakash Sharma

Published: 16 Sep 2020, 09:20 PM IST

अहमदाबाद. प्रदेश में कोरोना को नियंत्रण में करने के लिए आयुष पद्धति महत्वपूर्ण साबित हुई है। 65 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्ग, बच्चों, मधुमेह और रक्तचाप संबंधित मरीजों के अलावा गर्भवती महिलाओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए इसी पद्धति के आधार पर विशेष किट तैयार की गई है।
वैश्विक महामारी कोरोना को नियंत्रण में करने के लिए देशवासियों में रोग प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने के लिए आयुष पद्धति अपनाई गई है। केन्द्र सरकार के दिशा निर्देशों के आधार पर राज्य सरकार काम कर रही है। इसके अन्तर्गत राज्य में 7.11 करोड़ से अधिक अमृत पेय आयुर्वेदिक काढ़े की खुराक का निशुल्क वितरण किया जा चुका है। इसका लाभ राज्य के 1.40 करोड़ नागरिक ले चुके हैं। इसके अलावा 35.12 लाख से अधिक खुराक संशम वटी तथा तीन करोड़ से अधिक लोग अर्सेनिक आल्बम का लाभ ले चुके हैं। साथ ही क्वारेंटाइन किए गए 34 हजार से अधिक लोगों को आयुष पद्धति से सुरक्षित किया गया है।
गुजरात की आयुष निदेशक भावना पटेल का दावा किया है कि आयुष पद्धति से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और दवाई वितरण करने में देश में गुजरात अव्वल राज्यों में है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल शुरू होते ही राज्य में आयुर्वेदिक एवं हौम्योपेथिक दवाइयों से स्वस्थ रहने पर जोर दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया गया था। उनके अनुसार अब ऐसी किट भी तैयार की जा रही हैं जिनसे बच्चे, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और महिलाओं में रोग प्रतिरोधक शक्ति बनी रहे।

कोरोना के सात हजार मरीजों का किया आयुर्वेद से उपचार
भावना पटेल के अनुसार राज्य के विविध अस्पतालों में उपचार लेने वाले सात हजार से अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीजों का उपचार आयुर्वेदिक पद्धतिसे किया गया। इनमें से सिर्फ 50 से भी कम लोगों में कोरोना के लक्षण बढऩे पर अन्य अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। शेष की हालत में सुधार हो गया था। इसके अलावा माइल्ड लक्षणों वाले दस हजार से अधिक मरीजों का भी आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार किया गया जबकि 4400 का हौम्योपेथिक पद्धति से उपचार किया। राज्य में फिलहाल 568 आयुवेर्दिक केन्द्र हैं।। इसके अलावा 272 होम्योपेथिक और 39 आयुर्वेदिक बड़े अस्पताल भी कार्यरत हैं।

Omprakash Sharma Reporting
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