आरोपी एसपी पहली मई तक रिमाण्ड पर

-सीआईडी क्राइम आरोपी पीआई व एसपी से साथ में करेगी पूछताछ

By: Uday Kumar Patel

Published: 25 Apr 2018, 05:21 PM IST

 

अहमदाबाद. विशेष अदालत ने सूरत के बिल्डर व उसके साथी का अपहरण कर १२ करोड़ रुपए के २०० बिटकॉइन ट्रांसफर करा लेने तथा ३२ करोड़ की जबरन वसूली की कोशिश में गिरफ्तार अमरेली के आरोपी पुलिस अधीक्षक (एसपी) जगदीश पटेल को पहली मई तक के रिमाण्ड पर भेजा।
सीआईडी क्राइम ने इस आईपीएस अधिकारी को सोमवार को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पूछताछ के लिए आरोपी को मंगलवार को विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। आरोपी से पूछताछ के लिए 14 दिनों के रिमाण्ड की मांग की गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी गई कि इस आपराधिक कृत्य व अपहरण कर जबरन पैसा वसूलने के मामले में आरोपी एसपी की पूछताछ जरूरी है। अपहरण की घटना के बाद इस मामले के आरोपी पुलिसकर्मी विमान से मुंबई जाने की बात का पता चला है। किन कारणों से यह पुलिसकर्मी मुंबई गए, इस मामले में आरोपी एसपी को आरोपी पुलिस निरीक्षक अनंत पटेल को एक साथ बिठाकर पूछताछ करनी जरूरी है।
आरोपियों ने सूरत के बिल्डर व पीडि़त शैलेष भट्ट से बिटकॉइन प्राप्त करने के लिए किस स्थल पर षडयंत्र रचा और इसमें किसकी मदद ली? इस अपराध का मुख्य कारण आरोपी एसपी से ही जाना जा सकता है।

कॉल डिटेल की पूछताछ जरूरी
आरोपी से मोबाइल कॉल डिटेल के बारे में पूछताछ करनी है। घटना के दिन आरोपी पीआई व आरोपी एसपी के बीच बातचीत हुई है। क्या बातचीत की गई, जांच के लिए यह काफी जरूरी है।
आरोपी पुलिस निरीक्षक अनंत पटेल के बयान के मुताबिक एसपी जगदीश पटेल की सूचना से गए थे। 10 पुुलिस साथ में गए थे। 6 पुलिसकर्मियों के मुंबई जाने की जांच करनी है। पीडि़त के मित्र व मामले के गवाह धमेन्द्र सिंह के निवास स्थान पर मिले सीसीटीवी फुटेज में आरोपी एसपी की उपस्थिति दिखती है।
आरोपी एसपी ने सिंधु मार्ग पर गत 6 अप्रेल को आरोपी पीआई अनंत पटेल को 40 लाख रुपए दिए जाने की जांच जरूरी है। आरोपी अधिकारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
पीआई के बयान को रखा रिमाण्ड का आधार
उधर आरोपी एसपी के वकील रोहित वर्मा ने दलील दी कि रिमाण्ड के सभी कारण इसी मामले में गिरफ्तार किए गए पुलिस निरीक्षक के बयान के आधार पर रखा गया है। मंजूरी बिना पुलिसकर्मी जिले से बाहर गए थे। एसपी के रूप में अमरेली के इन 10 पुलिसकर्मी के खिलाफ जांच आंरभ की थी। एसपी ने पुलिस को कोई निर्देश नहीं दिया था। कॉल डिटेल बगैर ट्रांस्क्रिप्ट के है।
एसपी के मुताबिक गत 22 अप्रेल को वे अमरेली थे। सीआईडी क्राइम ने उन्हें हिरासत में लिया। अब इस समय उनकी जांच हुई है। 36 घंटे तक जांच चली है। जिला बाहर मंजूरी बिना गए उस संंबंध में एसपी के रूप में जांच आरंभ की है।
40 लाख दिए जाने की बात पूरी तरह से गलत है। किसी भी तरह की रकम नहीं दी गई है। बिटकॉइन ट्रांसफर नहीं हुए हैं। अन्य रकम भी हाथों-हाथ ट्रांसफर नहीं हुए हैं। अभियोजन पक्ष व आरोपी की ओर से दलीलों के बाद विशेष अदालत ने आरोपी एसपी को पहली मई तक रिमाण्ड पर भेजा।
सीआईडी क्राइम ने गत दिनों सूरत के बिल्डर शैलेष भट्ट व उसके साथी का अपहरण के बाद मारपीट कर १२ करोड़ रुपए के २०० बिटकॉइन ट्रांसफर करा लेने तथा ३२ करोड़ की जबरन वसूली की कोशिश में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें एसपी सहित चार पुलिसकर्मी हैं। अभी छह पुलिसकर्मी फरार बता जाते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में अमरेली एसपी जगदीश पटेल, एलसीबी पीआई अनंत पटेल, हेड कांस्टेबल बाबू डेर, कांस्टेबल विजय वाढेर व सूरत के वकील केतन पटेल शामिल हैं।

Uday Kumar Patel Reporting
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