राजकोट में तीसरी बार भाजपा को सत्ता

जिला पंचायत के इतिहास में

By: Rajesh Bhatnagar

Updated: 03 Mar 2021, 10:59 PM IST

रोहित सांगाणी

राजकोट. सौराष्ट्र की सबसे बड़ी राजकोट जिला पंचायत के इतिहास में तीसरी बार भाजपा ने सत्ता हासिल की है। मंगलवार को चुनाव परिणाम घोषितहोने के साथ ही दो तिहाई सीटें जीतकर भाजपा ने तीसरी बार बहुमत हासिल किया है।
वर्ष 1964 में राजकोट जिला पंचायत की स्थापना हुई थी। वर्ष 1995 में भाजपा को बहुमत मिलने पर जेतपुर के रामजी रादडिया जिला प्रमुख बने थे। वर्ष 2000 में कांग्रेस ने बहुमत हासिल कर भाजपा को पराजित कर जिला पंचायत पर कब्जा जमाया था। वर्ष 2005 में भी लगातार दूसरी बार कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया था।
वर्ष 2010 में हुए चुनाव में भाजपा ने बहुमत हासिलकर कांग्रेस से सत्ता छीन ली थी। मोरबी की हंसाबेन पारघी जिला प्रमुख निर्वाचित हुई थीं। अगले चुनाव में वर्ष 2015 में भाजपा दुबारा सत्ता से बाहर हो गई। गुजरात में भाजपा की सरकार होने के बावजूद राजकोट जिला पंचायत में कांग्रेस ने 36 में से 34 सीटें जीतकर भाजपा को मात्र दो सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
वर्ष 2015 से पांच वर्ष के दौरान कांग्रेस के निलेश विराणी व अल्पा खाटरिया जिला पंचायत के अध्यक्ष पद पर रहे। भारी बहुमत के बावजूद गुटबाजी के चलते भले ही प्रमुख कांग्रेस का रहा लेकिन समितियों में भाजपा के सहयोग से बागियों ने कब्जा जमाया था। मंगलवार को भाजपा ने 25 सीटें जीतकर तीसरी बार बहुमत हासिल किया है।

Rajesh Bhatnagar
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