MSU : अब नेत्रहीन भी पहचान सकेंगे नकली नोट

MSU : अब नेत्रहीन भी पहचान सकेंगे नकली नोट
MSU : अब नेत्रहीन भी पहचान सकेंगे नकली नोट

Gyan Prakash Sharma | Publish: Oct, 20 2019 10:03:46 PM (IST) | Updated: Oct, 20 2019 10:03:47 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

MSU के प्रोफेसर ने बनाया मोबाइल एप, Ahmedabad News, Gujrat News, Vadodara News

वडोदरा. अब नेत्रहीन भी नोट को देखकर बता सकेंगे कि यह नकली है या असली। महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी (MSU) के टेक्नोलॉजी फैकल्टी के कम्प्यूटर साइंस विभाग के अध्यापक ने अपनी पीएचडी के भागरुप प्रज्ञाचक्षुओं को नकली नोट पहचानने में मदद करने वाला मोबाइल एप तैयार किया है, जिसका नाम दृष्टि रखा गया है। यह एप मोबाइल में डाउनलोड करने पर किसी की मदद के बिना ही प्रज्ञाचक्षु भी नकली नोट को आसानी से पहचान लेंगे।


यूं आया विचार


एप तैयार करने वाले प्रोफेसर विश्वास रावल का कहना है कि एक बार किसी ने उन्हें ५०० रुपए का नकली नोट दे दिया था। उस समय मन में विचार आया कि आंखों वाले तो नकली नोट को पहचान लेते हैं, लेकिन जो लोग नेत्रहीन हैं उन्हें तो असली एवं नकली नोट की पहचान के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। यह सोचकर वर्ष २०१६ में पीएचडी करने का निर्णय किया और मोबाइल एप विकसित करने को पीएचडी का विषय बनाया।
उनका कहना है कि यह एप डाउनलोड करने वाले व्यक्ति अपने मोबाइल के सामने नोट रखेंगे तो एप के माध्यम से नोट की स्केनिंग की जाएगी। पहचान के बाद मोबाइल एप प्रज्ञाचक्षु व्यक्ति को कितने रुपए का नोट है यह वॉइस असिस्टेंट (आवाज सहायक) टेक्नोलॉजी की मदद से बोल कर बताएगा।


प्रोफेसर का कहना है कि यह एप यूनिवर्सिटी के नाम से ही लांच किया जाएगा। एप का कोडिंग हो गया है और उसकी ट्रायल भी ली गई है, अब डिजाइनिंग पर काम चल रहा है। एप डवलप करने से पहले ब्लाइंड स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों से मिलकर उनके विचार भी जाने थे।

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