ब्राह्मणों ने मांगी 20 सीटें, वरना निर्दलीय प्रत्याशी उतारने का निर्णय

चुनावों में केवल एक मात्र वोट से हार-जीत तय होती है। ऐसे में गुजरात विधानसभा चुनाव में 10 प्रतिशत वोट बैंक वाले ब्राह्मण समुदाय ने भाजपा व कांग्रेस से

By: मुकेश शर्मा

Published: 12 Nov 2017, 09:11 PM IST

अहमदाबाद।चुनावों में केवल एक मात्र वोट से हार-जीत तय होती है। ऐसे में गुजरात विधानसभा चुनाव में 10 प्रतिशत वोट बैंक वाले ब्राह्मण समुदाय ने भाजपा व कांग्रेस से ब्राह्मणों को 20 सीटों पर प्रत्याशी ना बनाए जाने पर ताल ठोककर चुनाव मैदान में कूदने का निर्णय किया है।

यहां चाणक्यपुरी स्थित गंगोत्री धाम-गायत्री मंदिर में गुरुवार सवेरे ब्रह्म पडक़ार के समन्वयक पृथ्वी भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय किया गया। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश आदि राज्यों से आकर गुजरात में बसे ब्राह्मणों ने चुनावों में समाज की लगातार उपेक्षा की निंदा की।

गुजरात में पाटीदार, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दलित, क्षत्रिय समाज पिछले कुछ दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलित है। इन समाजों ने सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी पाटी्र्र कांग्रेस की नींद उड़ा रखी है। दोनों ही प्रमुख पार्टियां के नेता इन समाजों को अपने पक्ष में करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। ऐसे में ब्राह्मण समाज ने भी दोनों प्रमुख पार्टियों की नींद उड़ाने में कसर नहीं छोड़ी है।

गुजरात में 22 सीटों पर ब्राह्मण मतदाता निर्णायक माने जाते हैं, लेकिन केवल 20 सीटों पर समाज के प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारने की मांग दोनों प्रमुख पार्टियों से की गई है। बैठक में चर्चा के दौरान कहा गया कि यदि दोनों पार्टियों की ओर से निरंतर की जा रही उपेक्षा की भांति इस चुनाव में भी ब्राह्मण समाज की उपेक्षा की गई तो समाज के निर्णायक वोट हासिल करने व दोनों प्रमुख पार्टियों को धरातल दिखाने के लिए निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे जाएंगे। इसके अलावा जिन सीटों पर ब्रह्म समाज निर्णायक स्थिति में नहीं है, वहां ‘नोटा’ का प्रयोग कर दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों की हार-जीत को प्रभावित कियाा जाएगा।

भट्ट ने कहा कि ऐसा नहीं है कि पहले गुजरात में ब्राह्मणों को चुनाव में टिकट नहीं दिए जाते थे, लेकिन विगत कुछ वर्षों से समाज की उपेक्षा दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की ओर से की जा रही है। इसे ब्रहम समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है भााजपा की ओर से 34 और कांग्रेस की ओर से 37 ब्राह्मण प्रत्याशियों की सूची पार्लियामेंट बोर्ड को भेजी गई है। इसमें ब्रह्म समाज के कितने लोगों को टिकट मिलेगा इसकी जानकारी आगामी 15 नवम्बर को प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद पता चलेगी और इसके आधार पर निर्दलीय प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाएंगे।

दोनों प्रमुख पार्टियों के नेताओं को सद्बुद्धि के लिए यज्ञ

उन्होंने कहा कि दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को सद्बुद्धि के लिए मंदिर परिसर में सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किया गया। इस दौरान समाज की ओर से आहुति दी गई और जय परशुराम के नारे लगाए गए।

मुकेश शर्मा Reporting
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