मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन दौडऩे में लगेगा वक्त

Bullet train, NHRCL, Land aquition, mumbai-Ahmedabad bullet train: अब तक गुजरात में 80 फीसदी जमीन अधिग्रहण, जमीन अधिग्रहण में विलंब, पांच वर्ष पिछड़ सकता है प्रोजेक्ट

By: Pushpendra Rajput

Updated: 06 Sep 2020, 10:41 PM IST

पुष्पेन्द्रसिंह

गांधीनगर. अहमदाबाद से मुंबई के बीच दौडऩे वाली बुलेट ट्रेन (bullet train) प्रोजेक्ट को लेकर काफी उम्मीद है। जहां गुजरात में अब तक करीब 8२ फीसदी और महाराष्ट्र में करीब 2३ फीसदी तक जमीन अधिग्रहण (Land aquition) हो चुका है। जिस तरीके से जमीन अधिग्रहण में विलंब हो रहा है उससे ऐसा लगता है कि बुलेट ट्रेन को पटरी में दौडऩे पांच वर्षों को और वक्त लग सकता है। हालांकि नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (NHRCL) ने यह प्रोजेक्ट पूरा करने का वर्ष 2023 तक लक्ष्य रखा है। हाल ही में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी.के. यादव भी यह कह चुके हैं कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए 1396 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है, जिसमें अब तक 885 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हुआ है जो करीब 63.4 फीसदी तक है।


गुजरात में 956 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करना है तो उसमें करीब 780 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण हुआ है। जो करीब 82 फीसदी तक है। वहीं महाराष्ट्र में 431 हेक्टेयर भूमि में से सिर्फ 98 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया, जो सिर्फ 23 फीसदी है। वहीं दादरानगर हवेली में नौ हेक्टेयर में से 7 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण हो चुका है।
नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए काम करने वाली एजेंसी है, जो भारत सरकार के रेलवे मंत्रालय एवं राज्य सरकार की संयुक्त कंपनी है। एनएचएसआरसीएल का अधिकृत शेयर कैपिटल 20 हजार करोड़ रुपए का है, जिसमें भारत सरकार, गुजरात सरकार और महाराष्ट्र सरकार की शेयर होल्डिंग है। इसका अनुपात 50: 25: 25 का है। जापान इन्टरनेशनल कॉर्पोरेशन एजेंसी (JICA) की ओर से प्रोजेक्ट बनाने के लिए फंड दिया जाएगा, जो 50 वर्षों में 0.1 फीसदी की दर से पुनर्भुगतान करना है। हालांकि प्रोजेक्ट में विलंब होने से इसका खर्च भी बढ़ सकता है।

बुलेट ट्रेन रास्ते में बनेंगे 14 पुल

गुजरात और दादरा नगर हवेली (दानह) में बुलेट ट्रेन के लिए 14 पुल बनाए जाएंगे। इसके लिए नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने इन 14 पुलों के निर्माण के अनुबंध आवंटित करने के लिए प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

बनेंगी आठ पहाड़ी सुरंग

अहमदाबाद से मुंबई के बीच दौडऩे वाली यह बुलेट ट्रेन 12 से 15 मीटर ऊंचाई पर एलीवेटेड कोरिडोर पर दौड़ेगी। वापी से मुंबई के बीच 21.5 किलोमीटर सुरंग बिछाई जाएगी, जिसमें सात किलोमीटर समुद्र के भीतर सुरंग बनेंगी, समुद्र में सुरंग बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह सुरंग करीब साढ़े तीन वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगी।
बुलेट ट्रेन के लिए आठ पहाड़ी सुरंग बनेंगी। फिलहाल इन सुरंगों को बनाने के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है। संभवत: यह पहाड़ी सुरंग दक्षिण गुजरात में बनाई जा सकती हैं। अहमदाबाद से मुंबई के 508 किलोमीटर लम्बे इस रेल कॉरिडोर में 463 किलोमीटर पर एलिवेटेड ट्रैक बनेगा। वहीं रास्ते में 27 स्टील पुल बनाए जाएंगे। 21.5 किलोमीटर में समुद्री सुरंग और आठ पहाड़ी सुरंग बनेंगी। नेशनल हाई स्पीड ने सुरंग बनाने के लिए निविदा प्रक्रिया जारी कर दी है। विरार से ठाणे के बीच बनने वाले सुरंग के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) और न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) का प्रयोग कर दोहरी हाई स्पीड रेलवे के लिए परीक्षण एवं संचालन सहित सुरंग निर्माण का कार्य किया जाएगा। समुद्र में यह टनल समुद्र और भूस्तर से 20 से 40 मीटर नीचे बिछाई जाएगी। वहीं महाराष्ट्र के शिलफाटा एवं बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के बीच अंडरग्राउंड स्टेशन बनेगा।

अगले वर्ष शुरू हो जाएगा सिविल कार्य

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर अगले वर्ष तक सिविल कार्य शुरू हो जाएगा। मौजूदा समय में अहमदाबाद स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 10 से 12 तक को ढहा दिया गया है अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार झा ने कहा कि फिलहाल प्लेटफार्म नंबर 10 से 11 तक नेशनल हाईस्पीड को सौंप दिया गया है। अगले वर्ष तक सिविल कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

Pushpendra Rajput Reporting
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