छठ महापर्व का समापन : कोरोना संक्रमण से मुक्ति की कामना की

नदी घाट पर जमा हुए श्रद्धालु व्रती

By: Gyan Prakash Sharma

Published: 21 Nov 2020, 06:55 PM IST

सिलवासा. चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन शनिवार सुबह उगते सूर्य को अघ्र्य देने के साथ हो गया। इससे पूर्व शहर में व्रती तड़के पांच बजे सिर पर डलिया रखकर पिपरिया, अथाल, डोकमर्डी, बाविसा फलिया, उलटन फलिया, लवाछा, मसाट के नदी-नालों के विभिन्न घाट पर पहुंचे। ऊषाकाल में सूर्र्य उदय होने से पूर्व विधिविधान के साथ वे नदी किनारे साधना करते दिखे। उदयमान सूर्यदेव के दर्शन देते ही श्रद्धालुओं ने पूजा सामग्री के साथ अघ्र्य दिया। व्रत की पूर्णाहुति के लिए घाट पर छठी मैया की पूजा की और बाद में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया।


छठ महापर्व के दौरान व्रतियों ने शनिवार सुबह सूर्य पूजा व अघ्र्य देने के बाद घर पहुंचकर उपवास खोला। इससे पूर्व अघ्र्य देते समय महिलाओं ने षष्ठी मैया का पूरे श्रद्धाभाव से पूजन किया व प्रसाद वितरित किया। सूर्य उपासना के बाद व्रत सफलता की खुशी छठी मैया के जयकारों के साथ व्यक्त की। घरों पर पहुंचकर छठी मैया के गीत गाए। मसाट में दमणगंगा के घाट तथा मसाट में बेलसा नहर पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य की पूजा की।

यहां ग्राम जनप्रतिनिधयों ने रोशनी, साफ सफाई और नहर पर सुरक्षा के इंतजाम किए। छठ पूजा की सफलता के बाद व्रतियों ने बताया कि इस बार छठी मैया से श्रद्धालुओं ने कोरोना संक्रमण से मुक्ति की कामना की है। घाटों पर सुबह देर तक श्रद्धालुओं का जमघट लगा रहा।

Gyan Prakash Sharma Reporting
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