लुभावनी स्कीम से लोगों को चूना लगाने वाले दंपत्ति रिमाण्ड पर


-करीब 2200 लोगों से किया धोखा

By: Uday Kumar Patel

Published: 24 May 2018, 10:18 PM IST

 

अहमदाबाद. लोगों को लुभावनी योजनाओं के नाम पर २०० करोड़ रुपए का चूना लगाने के मामले में गिरफ्तार शगुन बिल्डस्कवैयर लिमिटेड तथा शगुन एग्रीस्पेस लि. की अध्यक्ष गीताबेन शाह (40) और उसके प्रबंध निदेशक पति मनीष शाह (37) को विशेष अदालत ने 3 दिन के रिमाण्ड पर सीआईडी क्राइम को सौंपा।
जांच एजेंसी ने गुरुवार को आरोपी दंपत्ति को शहर के मिर्जापुर स्थित ग्राम्य अदालत परिसर स्थित विशेष अदालत में पेश किया। सीआईडी क्राइम ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए कई कारणों का हवाला दिया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विशेष अदालत ने आरोपियों को 3 दिन के रिमाण्ड पर सौंपा।
गिरफ्तार दंपत्ति दोनों कंपनियों-शगुन बिल्डस्कवैयर लिमिटेड तथा शगुन एग्रीस्पेस लि.- के एमडी व निदेशक हैं और साथ ही सभी वित्तीय व प्रशासनिक वास्तविकताओं से वाकिफ हैं। इसलिए कंपनी की ओर से रकम का निवेश गुजरात के अलावा अन्य किन-किन राज्यों में किया गया है, इस संबंध में पूछताछ की जानी है। इन आरोपियों ने गुजरात के अलावा किन राज्यों में इस तरह की लुभावनी स्कीम आरंभ कर आम जनता से विश्वासघात किए जाने के बारे में पूछताछ करनी है।
दोनों आरोपी राजस्थान के भीलवाड़ा व गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर व अहमदाबाद जिले के सरखेज-साणंद चौराहा स्थित शाखा से अलग-अलग स्कीम से गुजरात के कितने लोगों से कुल कितनी रकम उगाही है, इसका पता लगाना है। इस रकम का उपयोग कहां पर किया गया? लोगों की रकम उगाहकर कहां-कहां और कौन-कौन संपत्ति खरीदी गई। इन कंपनियों में कर्मचारियों व एजेन्टों की नियुक्ति किस तरह हुई?

2200 लोगों के 72 करोड़ से ज्यादा की रकम फंसी

इस संबंध में दस्तावेजी सबूत प्राप्त करने हैं। ये आरोपी शिकायत दर्ज किए जाने के बाद गिरफ्तारी टालने के लिए किन-किन जगहों पर गए, इस संबंध में पूछताछ जरूरी है। इस प्रकरण में 2200 लोगों के रकम डूबने का पता चला है। इन लोगों ने 72 करोड़ से ज्यादा की रकम का निवेश किया है।
सीआईडी क्राइम ने बुधवार को आरोपी दंपत्ति को हिम्मनगर से गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी ने गत वर्ष दिसम्बर में हिम्मतनगर के निवासी दंपत्ति के साथ-साथ योगेन्द्र रामी, शैलेष मकवाणा, शगुन बिल्डस्कवैयर लिमिटेड तथा शगुन एग्रीस्पेस लि. कंपनी के निदेशकों के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र, प्राइज चिट्स एंड मनी सरकुलेशन (बेनिंग) अधिनियम, गुजरात प्रोटेक्शन ऑफ इंटेरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स (जीपीआईडी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

Uday Kumar Patel Reporting
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