शाह दंपत्ति के कार्यालय व घर पर सीआईडी क्राइम की जांच

२६० करोड़ की ठगी का मामला

 

By: nagendra singh rathore

Updated: 15 Nov 2018, 10:07 PM IST

अहमदाबाद. ऑनलाइन विज्ञापन देखकर रुपए दो से तीन गुना करके देने के नाम पर २६० करोड़ की ठगी करने वाले शाह दंपत्ति विनय और भार्गवी शाह की ठगी मामले की जांच सीआईडी क्राइम ने शुरू कर दी है।
गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जाड़ेजा ने बुधवार रात को घोषणा की थी कि मामले के राज्यव्यापी होने की आशंका को देखते हुए इसकी जांच सीआईडी क्राइम को सौंपी जा रही है। इस बाबत लिखित में निर्देश मिलते ही गुरुवार को सीआईडी क्राइम की टीम ने पहले वस्त्रापुर थाने पहुंचकर इस मामले से जुड़ी प्राथमिकी व उसके कागजात अपने कब्जे में लिए। फिर आरोपी विनय शाह की थलतेज इलाके में प्रेसिडेंट प्लाजा स्थित आर्चर केयर ऑफिस पर दबिश दी।
इस ऑफिस को वस्त्रापुर पुलिस की ओर से सील किया गया था। इस सील को वस्त्रापुर पुलिस के साथ मिलकर सीआईडी क्राइम की टीम ने खोला और कार्यालय में छानबीन की। इसके अलावा सीआईडी क्राइम की एक टीम ने आरोपी के पालडी विकासगृह रोड पर यूनियन फ्लैट स्थित घर पर भी छानबीन की। सीआईडी क्राइम घर व कार्यालय के आसपास के लोगों से इस मामले से जुड़े बयान भी ले रही है।

ऑडियो क्लिप वायरल!
करोड़ों के इस मामले में गुरुवार को एक ऑडियो क्लिप के भी वायरल होने की खबर मीडिया में छाई रही। उसमें दावा किया कि ऑडियो क्लिप में आरोपी विनय शाह और पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह राजपूत के बीच बातचीत में आरोपी विनय शाह अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच के विशेष पुलिस आयुक्त जे.के.भट्ट को ९० लाख रुपए दिए होने की बात कहता है। हालांकि सुरेन्द्र सिंह राजपूत ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित करके ऐसी कोई भी बात विनय शाह के साथ नहीं हुई होने का दावा किया है। वहीं क्राइम ब्रांच के विशेष पुलिस आयुक्त जे.के.भट्ट पहले ही आरोपी विनय शाह के विरुद्ध मानहानि का दावा करने की बात कह चुके हैं। इससे पहले आरोपी विनय शाह की ओर से 11 पृष्ठों का पत्र लिखकर के भी भट्ट, नेता और पत्रकारों पर आरोप लगाए थे। हालांकि ऑडियो क्लिप की सत्यता की पुष्टि नहीं हो पाई है।

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