एक क्लिक पर मिलेंगे कोविड के सरकारी और अदालती आदेश

मुफ्त मिलेगी कानूनी सलाह भी, जीएनएलयू की पूर्व छात्रों की पहल

By: Pushpendra Rajput

Updated: 11 Jun 2021, 09:35 PM IST

गांधीनगर. कोविड-19 को लेकर सरकारी और अदालती आदेश अब एक ही क्लिक पर उपलब्ध होंगे। इसके लिए गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (जीएनएलयू) की एक पूर्व छात्रा ने वेबसाइट तैयार की है। आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट ना होने पर कई अस्पतालों का उपचार करने से इनकार कर दिया, जिससे कई मरीजों की मौत हो गई। ऐसे में आमजन को एक ही जगह पर जानकारी मुहैया कराना निश्चित किया है। वहीं कई महिलाएं ऑनलाइन के जरिए यौन शोषण से संबंधित कानूनी सलाह भी चाहती हैं।

जीएनएलयू की पूर्व छात्रा शेरोन मैथ्यू ने कोविड महामारी में लोगों को जरूरी और नि:शुल्क कानूनी सलाह एक ही जगह मुहैया कराने के लिए कोविड राइट्स वेबसाइट बनाई है। कोविड राइट्स वेबसाइट पर केन्द्र सरकार, राज्य सरकारों तथा सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न अदालतों की ओर से कोविड संबंधित आदेश प्रत्येक राज्य के मुताबिक वर्गीकृत किए गए हैं। साथ ही उन आदेशों के आसान भाषा में समझाया गया है। आदेशों को नियमित तौर पर अपडेट किया गया है। वहीं यदि किसी जरूरतमंद को कोविड महामारी से संबंधित कानूनी सलाह की आवश्यकता हो तो मुफ्त कानूनी सलाह भी व्यवस्था की गई है।

वेबसाइट में बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग, ट्रांसजेण्डर और कैदियों जैसे अलग-अलग समूहों के लिए आदेशों को भी वर्गीकृत किया गया है। योजना व सहायता भाग में कोविड महामारी के दौरान वित्तीय सहायता, नि:शुल्क राशन किट, नि:शुल्क स्वास्थ्य देखभाल और कोविड से बेसहारा लोगों के लिए मदद और समयावधि बढ़ाने से संबंधित आदेशों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

शेरोन ने कहा कि साथी कर्मचारी के मकान मालिक की पर्याप्त चिकित्सा के अभाव से मृत्यु हो गई। इसके बाद ही ऐेसी वेबसाइट की आवश्यकता हुई। मकान मालिक को कोविड-19 संक्रमण हुआ था। बाद में उन्हें अस्पताल में ले जाया गया। हालांकि उनकी हालत गंभीर होने के बावजूद भी अस्पताल ने उनका उपचार करने से इनकार कर दिया।
यदि आमजन को उनकी सुरक्षा के नियम व आदेशों की जानकारी नहीं हो तो उसका कोई फायदा नहीं है। इसके चलते ही ऐसे आदेश जन साधारण तक पहुंचाने के लिए यह वेबसाइट प्रारंभ की गई है।

शेरोन ने कहा कि ऑनलाइन यौन शोषण का सामना करने और उससे संंबंधित कानून सलाह के लिए कई महिलाओं ने उनका संपर्क किया है। ऐसे कठिन समय में कई महिलाओं ने अपने मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर रखे हैं, जिनका दुरुपयोग कर कई अराजकतत्व ऐसे महिलाओं को अनिच्छनीय और अश्लील संदेश भेजते हैं। मौजूदा समय में ऐसी महिलाओं को सलाह दे रहे है कि सोशल मीडिया या फोन कॉल्स के जरिए खुद को कैसे सुरक्षित रखें।

Pushpendra Rajput Reporting
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