बसों में बनेगा रैनबसेरा

सीसीटीवी, बिजली-पानी की मिलेगी सुविधा

By: Pushpendra Rajput

Published: 18 Dec 2018, 09:53 PM IST

अहमदाबाद. अब गुजरात राज्य परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) की पुरानी बसों में भी रैन बसेरा बनेगा। फिलहाल भरूच में दो एसटी बसों में रैनबसेरा शुरू हुआ है। आगामी समय में राज्य के अन्य शहरों में भी एसटी बसों में रैन बसेरे बनाए जा सकते हैं, जिसमें सीसीटीवी, पंखा, लाइट और गद्दा-ताकिया की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
एसटी के एक अधिकारी ने बताया कि महानगरपालिका और नगरपालिका को प्रस्ताव भेजे गए हैं कि एसटी के पास कई पुरानी और खस्ताहाल बसें हैं। इन बसों को बदलाव कर उसका रैन बसेरा बनाया जा सकता है। मौजूदा समय में भरूच को दो बसों में मुहैया कराई गई है। एसटी निगम आठ लाख किलोमीटर की बसों का खस्ताहाल घोषित कर देता है। ऐसी बसों को रैन बसेरा बनाया जा सकता है। इन बसों को तीन लाख रुपए लागत से बदलाव किया गया, जिसमें सभी सुविधाएं मुहैया कराई गई है। एक बस में करीब दस लोग आराम कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि महानगरपालिका और नगरपालिकाओं को फुटपाथ पर रात गुजारने वालों के लिए रैन बसेरा बनाने हैं ताकि वे गर्मी, सर्दी या बारिश किसी भी मौसम में आराम से बसेरा कर सकें। इसके लिए हर महानगरपालिका और नगरपालिकाएं रैन बसेरा बना रही हैं। इन रैन बसेरों में बिजली, पानी, गद्दा ताकिया समेत सुविधाएं महुैया कराना होता है।

अगले वर्ष मार्च तक तैयार करेगा 1500 बसें
देशभर में राज्य सड़क परिवहन निगम (एसआरटीसी) की स्लीपर कोच बसों बॉडी का निर्माण करने वाले नरोडा स्थित एसटी वर्कशॉप में फिर से रौनक लौटी है। पहले कई वर्षों तक बस बॉडी बनाने का जिम्मा ठेके पर दिया गया था, लेकिन एसटी निगम ने बस बॉडी बनाने का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया है। वर्कशॉप ने अगले वर्ष मार्च तक करीब 1494 बस बॉडी बनाने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें 325 गुर्जर नगरी सेमी लक्जरी और 1169 सुपर एक्सप्रेस बसों का निर्माण होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि बस ड्राइवरों के सुझाव लेकर वर्कशॉप प्रशासन ने बस बॉडी में बदलाव किए हैं। वर्कशॉप मैनेजर कमल हसन ने बताया कि ठेका खत्म कर वर्कशॉप का जिम्मा अप्रेल से लिया गया, लेकिन 13 दिसम्बर से बसों की चेसिस मिलने के बाद बॉडी का निर्माण शुरू किया गया। 13 दिसम्बर तक 715 बसों की बॉडी का निर्माण किया गया। हर रोज पांच से छह बस बॉडी तैयार की जाती है। अगले वर्ष मार्च तक 1494 बसों को तैयार करना हो। वर्कशॉप में अत्याधुनिक रूम और प्रशिक्षण सेन्टर हैं।

Pushpendra Rajput Reporting
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