कोरोना टीका लगवाने पर ही दे पाएंगे जीटीयू की परीक्षा

Corona, GTU, Vaccine, compulsory, Exam, 18 years Plus students, Winter exam, VC seth, Frist university गुजरात तकनीकी विश्वविद्यालय ने १८ साल से ऊपर के सभी विद्यार्थियों के लिए टीकाकरण किया अनिवार्य , ऐसा निर्णय करने वाली देश की पहली यूनिवर्सिटी बनी जीटीयू

By: nagendra singh rathore

Published: 22 Apr 2021, 10:44 PM IST

अहमदाबाद. गुजरात में तेजी से पैर पसार रहे कोरोना वायरस से निपटने के लिए अभी सबसे बड़ा सुरक्षा कवच कोरोना टीका है। केन्द्र सरकार ने एक मई से 18 साल से ज्यादा आयु के सभी लोगों के कोरोना टीका शुरू करने का ऐलान किया है। इसे देखते हुए गुजरात के एक तकनीकी विश्वविद्यालय ने टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए बड़ा निर्णय किया है।
गुजरात तकनीकी विश्वविद्यालय (जीटीयू) ने अपनी शीतकालीन परीक्षा के लिए कोरोना टीका को अनिवार्य कर दिया है। शीतकालीन परीक्षाओं का फॉर्म भरने के लिए विद्यार्थी का कोरोना का टीका लगवाना जरूरी है। उसके बिना उसका परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरा जाएगा।
जीटीयू ने १८ साल व उससे अधिक आयु के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए कोरोना टीकाकरण अनिवार्य कर दिया है। उसके बिना उसे विश्वविद्यालय की शीतकालीन परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा।
ऐसा निर्णय करने वाली जीटीयू देश की पहली यूनिवर्सिटी बन गई है। अब तक अन्य किसी विवि ने ऐसा निर्णय नहीं किया है।

हाजिरी के साथ ही देना होगा टीका प्रमाण-पत्र
जीटीयू ने कोरोना टीका अनिवार्य करने के निर्णय के क्रियान्वयन का खाका भी तैयार कर लिया है। जिसके तहत विद्यार्थी के विंटर परीक्षा के लिए फॉर्म भरे जाएंगे तब कॉलेज प्राचार्य की ओर से विद्यार्थी की हाजिरी का ब्यौरा यूनिवर्सिटी को सौंपा भेजा जाता है। उसी समय हाजिरी के साथ विद्यार्थी के कोरोना टीका लेने का सर्टिफिकेट भी भेजना होगा।

प्रथम वर्ष, डिप्लोमा छात्रों को छूट संभव!
जीटीयू के इस निर्णय से बीई, बीफार्म, डीफार्म कोर्स के प्रथम वर्ष में पढऩे वाले और डिप्लोमा इंजीनियरिंग कोर्स में पढऩे वाले विद्यार्थियों् को छूट मिल सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की आयु 18 साल की नहीं होती है। 12वीं कक्षा के बाद वह सीधे प्रवेश लेते हैं। ऐसा ही डिप्लोमा इंजीनियरिंग के मामले में है। क्योंकि डिप्लोमा कोर्स 10वीं कक्षा के बाद शुरू होता है। जिससे 18 साल आयु पूरी नहीं होने के चलते इन विद्यार्थियों को इससे राहत मिलेगी।

विद्यार्थियों के पास पर्याप्त समय, ३ लाख को टीका
कोरोना संक्रमण से विद्यार्थियों को सुरक्षित करने के लिए विश्वविद्यालय ने यह निर्णय किया है। शीतकालीन परीक्षा का फॉर्म भरने और परीक्षा में बैठने के लिए १८ साल व उससे अधिक आयु के प्रत्येक विद्यार्थी का कोरोना का टीका लगवाना अनिवार्य है। इसके लिए विद्यार्थी के पास करीब छह महीने का समय होगा। क्योंकि शीतकालीन परीक्षाएं नवंबर २०२१ में होंगी। इस निर्णय से जीटीयू के साढ़े चार लाख्र में से तीन लाख विद्यार्थियों का टीकाकरण हो जाएगा। प्रथम वर्ष और डिप्लोमा के विद्यार्थियों की आयु १८ साल पूरी नहीं होने के चलते उन्हें इससे छूट रहेगी।
-डॉ. नवीन शेठ, कुलपति, जीटीयू

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