अहमदाबाद में कोरोना पॉजिटिव की दर 35 से रह गई ढाई फीसदी

निजी अस्पतालों में आरक्षित पलंगों की संख्या में कमी का निर्णय

By: Omprakash Sharma

Updated: 23 Aug 2020, 09:30 PM IST

अहमदाबाद. शहर में कोरोना की स्थिति सुधरने पर निजी अस्पतालों में आरक्षित बेड की संख्या में कमी का निर्णय किया है। जबकि कई अस्पतालों को तकनीकी कारणवश कोरोना के उपचार की सूची से भी हटा दिया गया है।
अहमदाबाद के कोरोना इन्चार्ज डॉ. राजीव कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में रविवार को साबरमती रिवरफ्रंट हाउस में हुई बैठक में कहा गया है कि अहमदाबाद में कोरोना की स्थिति में सुधार हुआ है। पूर्व में शहर में कोरोना पॉजिटिव की दर 35 फीसदी तक पहुंच गई थी जो फिलहाल 2.5 फीसदी रह गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना के उपचार के लिए शहर के 73 निजी अस्पतालों में आरक्षित किए गए बेड के मुकाबले फिलहाल मात्र 40 फीसदी बेड की आवश्यकता रह गई है। जिससे शहर में वास्तविक जरूरत को ध्यान में रखकर आरक्षित बेड की संख्या में कमी करने का निर्णय किया गया है। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं अहमदाबाद शहर के कोरोना इन्चार्ज डॉ. राजीव कुमार के अनुसार जरूरत के आधार पर शहर में कोरोना के उपचार के लिए निजी अस्पतालों में आरक्षित बेड की संख्या में कमी करने का निर्णय किया गया है। इसके अलावा शहर में कोरोना के उपचार के लिए अधिग्रहण किए गए 73 अस्पतालों में से पांच को डी नोटीफाइड (आरक्षित सूची से दूर) किया गया है। प्रथम चरण में शहर के एसएमएस अस्पताल, डॉ. जिवराज मेहता अस्पताल, अल अमीन अस्पताल तथा लोह खंडवाला अस्पताल को रविवार को कोरोना के उपचार के लिए डी नोटीफाइ करने का निर्णय किया गया है। जबकि छह अगस्त को जिस आग दुर्घटना के बाद ही श्रेय अस्पताल को कोरोना के उपचार के लिए नोटिफाई कर दिया गया थ। कोठिया अस्पताल एवं जीसीएस अस्पताल में आरक्षित बेड की संख्या में कमी करने का निर्णय किया गया है।
इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में निजी कोटा के अन्तर्गत नोटीफाई किए गए 15 अस्पतालों में से पांच को विविध तकनीकी कारणों से डी नोटीफाइ कर दिया गया था।

Omprakash Sharma Reporting
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