Corona: कोरोना के कारण देश भर में स्ट्रोक की देखभाल काफी प्रभावित, देश के शीर्ष 13 न्यूरोलोजिस्ट की ओर से अध्ययन

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By: Uday Kumar Patel

Updated: 23 May 2020, 07:41 PM IST

अहमदाबाद. कोरोना वायरस की महामारी ने गुजरात सहित भारत में स्ट्रोक (दौरा) के उपचार को काफी प्रभावित किया है। यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। एम्स-दिल्ली, पीजीआई -चंडीगढ़, गुजरात के अहमदाबाद स्थित एनएचएल म्युनिसिपल कॉलेज और सीएमसी-लुधियाना सहित देश के शीर्ष 13 स्ट्रोक केन्द्रों के न्यूरोलोजिस्ट की ओर से किए गए अध्ययन में इस बात का पता चला है। इस अध्ययन में कोरोना के दौरान स्ट्रोक की चुनौतियों पर चर्चा की गई जिसे न्यूयॉर्क एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित किया गया है।

गुजरात से अहमदाबाद स्थित एनएचएल म्युनिसिपल मेडिकल कॉलेज, स्टर्लिंग हॉस्पिटल, जायडस हॉस्पिटल और न्यूरो 1 अध्ययन का हिस्सा थे जिसमें गुजरात के प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोसाइंटिस्ट पद्मश्री डॉ. सुधीर शाह, जाइडस हॉस्पिटल के स्ट्रोक विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शर्मा और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (नाईपर)-अहमदाबाद के डॉ. पल्लब भट्टाचार्य शामिल हुए। इसके अलावा चंडीगढ़, बेंगलुरु, तिरुवनंतपुरम, पुणे, मुंबई और कोलकाता के अस्पताल व संस्थान भी इस अध्ययन में शामिल थे।

एनएचएल म्युनिसिपल मेडिकल कॉलेज और स्टर्लिंग हॉस्पिटल में न्यूरोलॉजिकल विभाग के अध्यक्ष डॉ. शाह ने कहा कि लॉकडाउन के बाद साप्ताहिक आधार पर अस्पताल में आने वाले मामलों की संख्या में करीब 61.22 फीसदी की गिरावट आई है। इन्ट्रावेनियस थ्रोम्बोलिसिस और एंडोवास्कुलर प्रक्रिया में भी क्रमश: 64.76 प्रतिशत और 67.21 प्रतिशत की कमी आई है। इन मामलों में यह कमी विशेष कोविड अस्पताल और चिह्नित नहीं किए गए दोनों अस्पतालों में समान रूप से देखी गई।

Uday Kumar Patel Reporting
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