Corona virus : अब बिना टेस्ट के भी अस्पतालों से दी जा सकेगी छुट्टी

कोरोना के मरीजों की डिस्चार्ज पॉलिसी...
- उपचार के दौरान अंतिम तीन दिन न हो बुखार
-गंभीर रोग से पीडि़त मरीजों को टेस्ट करने के बाद छुट्टी

By: Omprakash Sharma

Published: 10 May 2020, 10:10 PM IST

अहमदाबाद. कोरोना संक्रमित उपचाराधीन मरीजों के डिस्चार्ज की नई पॉलिसी के तहत सामान्य लक्षण वाले मरीजों को बिना टेस्ट के अस्पतालों से छुट्टी दी जा सकेगी। बशर्ते मरीजों को अंतिम तीन दिनों तक बुखार की शिकायत न हुई हो। हालांकि पहले ही गंभीर बीमारियों के शिकार मरीजों को छुट्टी देने से पूर्व एक बार कोरोना का टेस्ट करना जरूरी है।
राज्य की स्वास्थ्य सविच डॉ. जयंती रवि ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की नई पॉलिसी के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि कई ऐसे मरीज होते हैं जिनका कोरोना का टेस्ट पॉजिटिव आता है लेकिन लक्षण या तो बिल्कुल नहीं होते है या बहुत कम होते हैं। ऐसे मरीजों का दस दिन तक उपचार करने के बाद उनकी स्थिति ठीक हो तो बिना टेस्ट के अस्पतालों से छुट्टी दी जा सकती है। छुट्टी देने के तीन दिन तक उन्हें बुखार नहीं होना चाहिए। दूसरी श्रेणी के उन मरीजों को भी बिना टेस्ट के छुट्टी दी जा सकती है जिन्हें मध्यम स्तर के कोरोना के लक्षण थे, लेकिन उपचार के बाद उनकी स्थिति ठीक हो गई है। छुट्टी देते समय चिकित्सकों को यह देखना होगा कि उन्हें सांस लेने में कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है। इन मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी देने के बाद घरों पर क्वारेंटाइन होना होगा।
तीसरी श्रेणी वाले मरीजों को छुट्टी देने से पूर्व एक बार टेस्ट करना जरूरी है। पूरा उपचार और रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दी जाएगी। इस श्रेणी में वे मरीज आते हैं जो एचआईवी, कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं या फिर पूर्व में उनका अंग प्रत्यारोपित हुआ हो।
उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी के लागू होने से मरीजों को ज्यादा दिन तक अस्पतालों में नहीं रहना पड़ेगा। इससे अब तेजी से ठीक होने वालों की संख्या बढ़ जाएगी।

Corona virus
Omprakash Sharma Reporting
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