Coronavirus: गुजरात हाईकोर्ट की टिप्पणी, अन्य मरीजो के उपचार को लेकर कोरोना टेस्ट के लिए अथॉरिटी की मंजूरी की जरूरत नहीं

Coronavirus, Gujarat High court, Private hospital, Treatment

By: Uday Kumar Patel

Published: 30 May 2020, 01:52 AM IST

अहमदाबाद. निजी अस्पतालों व पैथोलोजी लेबोटेरी को कोरोना के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट करने दिए जाने और इसके लिए पूर्व मंजूरी नहीं लेने के आदेश दिए जोने की मांग करने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के दौरान गुजरात उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि कोरोना के अलावा अन्य मरीजों के उपचार या सर्जरी करने से पहले कोरोना टेस्ट के लिए अथॉरिटी से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। हालांकि ऐसे मरीजों के उपचार या सर्जरी से पहले अथॉरिटी को ई-मेल से जान करना पर्याप्त है।

अहमदाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) की ओर से दायर याचिका दायर कर सुनवाई के दौरान एसोसिएशन की ओर से यह दलील दी गई कि किसी भी व्यक्ति को कोरोना टेस्ट करना उसका मूलभूत अधिकार है। यदि कोई विशेषज्ञ कोरोना टेस्ट प्रिस्क्राइब करता है तो इसके आधार पर टेस्ट किया जाना चाहिए।
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने यह दलील दी कि राज्य में कोरोना के मरीजों की टेस्टिंग आईसीएमआर गाइडलाइन के तहत की जाती है। इसलिए टेस्टिंग की नीति में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। इस मामले में अब आईसीएमआर की ओर से जवाब पेश किया जाएगा जिसमें टेस्टिंग की गाइडलाइन के बारे में जानकारी दी जाएगी।

coronavirus
Uday Kumar Patel Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned