Ahmedabad News : देश का पहला सीएनजी बायो पंप बनासकांठा जिले के दामा गांव के समीप शुरू

गोबर गैस के 25 बायो सीएनजी पंप स्थापित करेगी बनास डेयरी

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 26 Aug 2020, 12:03 AM IST

राजेन्द्र धारीवाल/राजेश भटनागर

पालनपुर/अहमदाबाद. अब तक गायों का उपयोग दूध के अलावा गोबर से प्लांट में गैस बनाकर घरेलू उपयोग करने में किया जाता रहा है लेकिन अब उसी गोबर गैस का उपयोग वाहन चलाने के लिए भी किया जाने लगा है। उत्तर गुजरात के पशुपालकों से गायों का दूध एकत्र करने के काम में जुटी बनास डेयरी ने अब गायों का गोबर संग्रहित कर गोबर गैस से संचालित किए जाने वाले 25 बायो सीएनजी पंप स्थापित करने की योजना बनाई है। इस तरह का देश का पहला पहला बायो गैस पंप बनासकांठा जिले में डीसा-थराद मार्ग पर दामा गांव के समीप हाल ही में शुरू किया गया है।

बनासकांठा जिले के मुख्यालय पालनपुर स्थित बनास डेयरी की ओर से देश में पहली बार गाय के गोबर से कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) बनाने का प्लांट शुरू किया गया है। इस प्लांट में उत्पादित होने वाली गैस की गोबर गैस के सीएनजी पंप से व्यावसायिक बिक्री भी शुरू की गई है। प्लांट में उत्पन्न गैस का शुद्धिकरण करने के बाद इस गैस का प्रयोग वाहनों में ईंधन के तौर पर किया जाने लगा है।

प्रतिदिन करीब 40 हजार किलो गोबर की आवश्यकता

बनासकांठा जिले के डीसा से करीब 10 किलोमीटर दामा गांव में तैयार किए गए गोबर गैस सीएनजी पंप को गोबर गैस उपलब्ध कराने के लिए व प्लांट चलाने के लिए प्रतिदिन करीब 40 हजार किलो (40 टन) गोबर की आवश्यकता होती है। इससे प्रतिदिन दो हजार घनमीटर कच्ची बायोगैस का उत्पादन होता है, जिससे प्रतिदिन 800 घनमीटर शुद्ध बायोगैस का उत्पादन होता है। आवश्यकतानुसार दबाव बढ़ाकर सिलैंडर से गैस को सीएनजी पंप तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

12 गांवों के 254 पशुपालकों को प्रतिदिन प्रतिकिलो एक रुपए का भुगतान

प्लांट के आस-पास के 12 गांवों के 254 पशुपालकों से प्रतिदिन गोबर खरीदा जा रहा है। पशुपालकों को गोबर के एवज में प्रतिकिलो के हिसाब से एक रुपए का भुगतान 15 दिनों में दूध की राशि के साथ किया जा रहा है। पशुपालकों से गोबर एकत्र करने के लिए विशेष प्रकार का वाहन तैयार करवाया गया है, इस वाहन में गोबर के वजन के लिए कांटा भी है। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 40 टन गोबर एकत्र किया जा रहा है।

करीब 8 करोड़ रुपए का खर्च किया वहन

गोबर गैस का प्लांट बनाने व सीएनजी के लिए फिल्टरेशन की तकनीक पर करीब 8 करोड़ रुपए का खर्च फिलहाल बनास डेयरी की ओर से वहन किया गया है। सरकार से अनुदान की मांग भी की गई है। आगामी समय में करीब 25 और बाद में 25-30 गांवों पर एक गोबर गैस प्लांट तैयार करने और तहसील मुख्यालयों पर पंप शुरू करने का निर्णय किया गया है।
इसके शोध व विकास (आर एंड डी) में आईआईटी, आईआईएम, इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट-आणंद (इरमा) और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के विद्यार्थियों का प्लेसमेंट कर उनकी मदद ली गई।

सभी प्रकार की आवश्यक कार्रवाई और स्वीकृति लेने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बनास बायोगैस सीएनजी पंप से हाल ही बिक्री शुरू की गई है। सरलता से गैस की आपूर्ति के लिए बायोगैस प्लांट के समीप ही बायो सीएनजी पंप बनाया गया है।

-कामराजभाई चौधरी, प्रबंध निदेशक, बनास डेयरी

Rajesh Bhatnagar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned