डाकोर में भी रथ से लगाई मंदिर की परिक्रमा

नहीं गए भगवान नगर भ्रमण पर, 247 वर्ष की पंरपरा रुकी

By: Omprakash Sharma

Published: 24 Jun 2020, 10:14 PM IST

आणंद. खेड़ा जिले के डाकोर में भी रथयात्रा के रूप में मंदिर परिसर की ही परिक्रमा दी गई। रथों से परिक्रमा देकर रथयात्रा की रस्म पूरी की। 247 वर्ष में यह पहली बार बताया जा रहा है जब रथयात्रा नहीं निकली है। कोरोना वायरस के कारण ऐसा करना पड़ा।
डाकोर में प्रसिद्ध रणछोडऱाय मंदिर में सुबह छह बजे मंगला आरती की गई। उसके बाद पौने नौ बजे भगवान की प्रतिमा को चांदी एवं पीतल से बने रथों में धारण किया गया। उस समय भगवान की पूजा की गई और रथा को मंदिर परिसर में घुमाया गया। परिक्रमा के अवसर पर मंदिर परिसर में जय रणछोड़ माखन चोर की गूंज रही। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए लोग परिक्रमा में रथ के साथ चले। लोगों ने दुनिया से कोरोना के प्रकोप से मुक्ति दिलाने की भी भगवान से प्रार्थना की। इस वर्ष कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते भगवान नगर भ्रमण पर नहीं निकले थे। हर वर्ष रथयात्रा निकाली जाती रही है। लोगों का कहना है कि 247 वर्षों से रथयात्रा निकाली जा रही है लेकिन इस बार कोरोना के कारण यह परंपरा रुक गई।

Omprakash Sharma Reporting
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