hydroxychloroquine and azithromycin से नहीं टलता खतरा

कोरोना वायरस का संक्रमण होने का ...

-पॉजिटिव मरीजों का उपचार करने वाले चिकित्सक कर सकते हैं सेवन
अहमदाबाद. आमतौर पर लोग यह मान बैठे हैं कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन एवं एजिथ्रोमाइसिन नामक दो दवाइयों के सेवन से कोरोना वायरस होने का खतरा नहीं होता। विशेषज्ञों ने इस सोच को गलत बताया है। हालांकि उनका मानना है कि कोरोना वायरस से पीडि़त मरीजों का उपचार करने वाले चिकित्सक या फिर मरीजों के संपर्क में आने वाले लोग इन दवाइयों का सेवन कर सकते हैं।
संक्रमित रोगों के विशेषज्ञ डॉ. अतुल पेटल का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर जो व्यक्ति हाई रिस्क श्रेणी में आते हैं वे इन दोनों दवाइयों का इस्तेमाल न करें। ऐसे लोग यदि यह सोचें कि इन दवाइयों से उन्हें कोरोना का संक्रमण नहीं लगेगा तो यह गलत है। डॉ. अतुल पटेल ने इस दवाई को सीमित वर्ग के लिए इस्तेमाल करने की सलाह दी है। क्योंकि इन दवाइयों का साइड इफेक्ट हो सकता है। उन्होंने सलाह दी है कि कोरोना वायरस के खतरे को टालने के लिए लोगों को चाहिए कि वे बार-बार हाथ धोएं और खांसी-सर्दी होने पर मास्क का भी इस्तेमाल करें।

लॉक डाउन को स्वीकार करना ही होगा
अहमदाबाद के सिविल अस्पताल परिसर स्थित यूएन मेहता इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. आर.के. पटेल का कहना है कि कोरोना वायरस के खतरे को टालने के लिए सरकार की ओर से किए गए लॉक डाउन के अनुरोध को स्वीकार करना ही चाहिए। रोग को नियंत्रण के लिए यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि घरों में बुजुर्ग लोग या फिर गंभीर बीमारियों से पीडि़त मरीजों को भी सावधानी से रखने की सलाह दी है।

Omprakash Sharma Reporting
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