कच्छ के खजूर व्यापारिक खेती में देशभर में प्रथम

कच्छ में 18825 हेक्टेयर भूमि पर 178461 मीट्रिक टन खजूर का उत्पादन

500 वर्ष से कच्छ में उग रही खजूर के 20 लाख पेड़

5 हजार किसान कर रहे कच्छ के कल्पवृक्ष की पहचान खजूर की खेती

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 27 Jun 2021, 12:03 AM IST

रमेश आहीर

भुज. कच्छ जिले में कच्छ में 18825 हेक्टेयर भूमि पर 178461 मीट्रिक टन खजूर (खारेक) का उत्पादन हुआ है। करीब 500 वर्ष से खजूर के 20 लाख पेड़ों पर 5 हजार किसान खेती कर रहे हैं। कच्छ का कल्पवृक्ष माने जाने वाले कच्छी खजूर की व्यावसायिक खेती पूरे देश में प्रथम स्थान पर है।
कच्छ की हरियाली की शोभा बढ़ाने वाला व हमेशा हरे रहने वाले पेड़ पर उगने वाली खजूर पोषक तत्वों, उपयोगिता और रोजगार के लिए कामधेनु के समान है। खजूर का ताजा फल पीले या लाल रंग में पाया जाता है। यह कच्छ, मुंबई, सौराष्ट्र सहित पूरे देश में और छोटे-बड़े शहरों में भी खाया जाता है।
विश्व में व्यापारिक खजूर की विभिन्न किस्मों में से कच्छ में देशी के अलावा बारही, हलावी, खदरावी, सामरान, जाहिदी, मेजुल और खलाल किस्म की खजूर गुणवत्ता और आय के मामले में सबसे अच्छी किस्में मानी जाती हैं।
दुनिया में इराक की बारही खजूर सबसे अच्छी किस्म की मानी जाती है। कच्छ जिले में पिछले 5-7 वर्षों में बारही किस्म की खजूर के टिश्यू कल्चर से तैयार पौधे बड़े पैमाने पर उगाए गए हैं। कच्छ जिले में बीज से खजूर की बुवाई करने से हर पेड़ की अपनी विशेषता होती है।
बनासकांठा जिले में स्थित सरदार कृषि नगर दांतीवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के कच्छ जिले में मुंद्रा स्थित खजूर अनुसंधान केंद्र की ओर से सर्वेक्षण कर उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले 225 वृक्षों का चयन किया गया। जिनमें ताजा मिठास, आकार में सर्वश्रेष्ठ और प्रति वृक्ष 100 से 300 किलोग्राम खजूर का उत्पादन हुआ।
उप बागवानी अधिकारी एम.एस. परसाणिया के अनुसार कच्छ जिले में किसानों के लिए कच्छी खजूर के पेड़ कमाई व रोजगार प्रदान करने वाले हो रहे हैं। बागवानी विभाग की ओर से वर्ष 2020-21 में 100 किसानों को टिश्यू कल्चर खजूर की 84-62 हेक्टेयर जमीन पर बुवाई के लिए 1.42 करोड़ रुपए की सहायता चुकाई गई।
कच्छ जिले में 18825 हेक्टेयर भूमि पर 178461 मीट्रिक टन खजूर का उत्पादन हुआ है। जिले में मुंद्रा, अंजार, भुज और मांडवी तहसीलों में बड़े पैमाने पर खजूर का उत्पादन होता है। कच्छ जिले में खजूर की व्यावसायिक खेती भी होती है। यहां बड़े पैमाने पर आधुनिक तकनीक के साथ खजूर का उत्पादन, छंटनी, ग्रेडिंग और पैकिंग की जाती है।

प्रति हेक्टेयर इकाई कीमत 3,12,500 रुपए का भुगतान

टिश्यू कल्चर खजूर की बुवाई सामग्री के लिए प्रति हेक्टेयर इकाई कीमत 3,12,500 का भुगतान बागवानी विभाग की ओर से किया जाता है। इसके लिए टिश्यू कल्चर बुवार्ई सामग्री जीएनएफसी, जीएसएफसी, कृषि यूनिवर्सिटी की टिश्यू लैब आदि सरकारी सार्वजनिक संस्था से खरीदनी होती है। इसके अलावा अधिकतम 1250 की सीमा तक सहायता भी दी जाती है।

Rajesh Bhatnagar
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