विधानसभा की सबसे कलंकित-दुखद घटना: नितिन

विधानसभा की सबसे कलंकित-दुखद घटना: नितिन

Uday Kumar Patel | Publish: Mar, 15 2018 12:27:07 AM (IST) Ahmedabad, Gujarat, India

14वीं विधानसभा के पहले सत्र में घटी घटना

गांधीनगर. उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि बुधवार का दिन विधानसभा के इतिहास में सबसे कलंकित घटना है। यह पूरे गुजरात के लिए दु:खद घटना है। दो कांग्रेसी विधायकों-प्रताप दूधात व अमरीश डेर-को तीन वर्ष के लिए तथा बलदेव ठाकोर को एक वर्ष के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1960 से लेकर अब तक की सबसे कलंकित घटना है। इससे शर्म से उनका माता झुक गया। वे खुद वर्ष 1990 से इस सदन का हिस्सा हैं, लेकिन इस तरह की हिंसात्मक घटना बुधवार को पहली बार घटी।
विधायक होने की इच्छा कई लोगों की होती है, लेकिन काफी लोग ही विधायक बनते हैं। हम नीति-नियम व कानून बनाने वाले लोग हैं। ऐसे में कानून बनाने वाले ही जब कानून का उल्लंघन करेंगे तब इस तरह की हिंसात्मक घटना पूरी तरह अनुचित है। इस घटना से पूरा सदन स्तब्ध रह गया।
उन्होंने कहा कि दूधात के बॉडी लैंग्वेज से ऐसा लगा कि जैसे वे 2-5 विधायकों को मारने का प्रसाय कर रहे हों। यदि ऐसा हो जाता तो कई विधायकों को टांका लेना पड़ता।
उन्होंने बॉडी लैंग्वेज की बात की। नितिन के अनुसार भाजपा व कांग्रेस के कई विधायकों ने बीच-बचाव का पूरा प्रयास किया।
इस तरह की करतूत किसी भी प्रकार से क्षम्य नहीं है। यदि यह परंपरा आगे बढ़ेगी तो गुजरात की परंपरा को नुकसान होगा। इस घटना को लेकर विधानसभा में सदन के नेता व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी , संसदीय मंत्री भूपेन्द्र सिंह चुडास्मा, संसदीय राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा, सौरभ पटेल, गणपत वसावा के साथ चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस पर आरोप नहीं लगा रहे हैं लेकिन कांग्रेस के सिर्फ 2-3 विधायकों ने सदन का वातावरण बिगाडऩे का प्रयास किया। विधानसभा में ऐसी घटना भविष्य में फिर से नहीं घटे, इसलिए कांग्रेस के दो विधायकों को तीन वर्ष तथा एक अन्य विधायक ठाकोर को एक वर्ष के लिए निलंबित किया जाए। ऐसी सजा से एक उदाहरण पेश होगा।


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