Ahmedabad News : 'दस्त-उल्टी सामान्य मौसमी बीमारी या हो सकता है कोरोना संक्रमण'

मानसून के दौरान...

 

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 26 Aug 2020, 11:59 PM IST

मानसून के दौरान उल्टी-दस्त, फूड प्वाइजनिंग सामान्य मौसमी बीमारी या कोरोना संक्रमण हो सकता है। कोविड-19 संक्रमण में आमतौर पर पेट की आंत की बीमारी के लक्षण भी हो सकते हैं। हर तीसरे मरीज में पेट की आंत की बीमारी के कुछ प्रकार के लक्षण होते हैं। कोरोना के करीब 10 प्रतिशत मरीजों में केवल पेट की आंत की बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। मानसून के मौसम में पेट की आंत की बीमारियों में विशेषतौर पर दस्त, उल्टी, पेट दर्द, फूड प्वाइजनिंग, बुखार सामान्य लक्षण हैं। कई बार यह तय करना मुश्किल होता है कि मानसून के मौसम के कारण यह लक्षण हैं या कोविड-19 के लक्षण हैं।
कोविड-19 पीडि़त मरीज में एक लक्षण एक सप्ताह या उससे अधिक समय के लिए हो सकते हैं। जिनमें मांसपेशियों में दर्द, बुखार, खांसी, श्वास लेने में परेशानी, पेट की बीमारी के लक्षण नोजिया एनोरिक्सिया और दस्त शामिल हैं। इन लक्षणों के साथ सूंघने की क्षमता कम होती है, मुंह में किसी वस्तु का स्वाद महसूस नहीं होता है।
रात के समय या दिन के समय में भी सड़क किनारे खाने की आदत से भी पेट की आंत में संक्रमण हो सकता है। लक्षण की शुरुआत तेज पेट दर्द, उल्टी, दस्त व बुखार के साथ होती है। ये लक्षण एक या दो दिन में ठीक होने लगते हैं। परिवार के अन्य सदस्यों को भी यह सभी समान लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में सामान्यतया किसी इलाज की आवश्यकता नहीं होती और ऐसे लक्षणों वाले मरीज एंटीबायोटिक्स का कोर्स पूरा कर जल्दी ही स्वस्थ भी होते हैं। इनके अलावा कोविड-19 के मरीजों में पेट की आंत की बीमारी के लक्षण लगातार दिखते हैं और इलाज से लाभ नहीं होता है।
कोविड-19 से संक्रमित मरीजों में पेट की आंत की बीमारी के लक्षण होने पर उन्हें जल्दी पहचान कर आइसोलेशन में रखना महत्वपूर्ण है ताकि परिवार के अन्य सदस्यों को संक्रमण से बचाना संभव हो सकता है।
इस वर्ष मानसून के मौसम में अस्पतालों में पेट की आंत की बीमारी यानी उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार आदि की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे मरीजों की कोविड-19 की जांच भी लक्षण देखकर आवश्यकता महसूस होने पर चिकित्सकों की ओर से करवाई जा सकती है।
फ्रिज के बाहर खाना रखा जाए तो वह गर्मी या नमी के कारण जल्दी खराब हो सकता है। मक्खियां भी बेक्टीरिया संक्रमण फैलाने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं। जिनमें टाइफाइड के बेक्टीरिया भी होते हैं। बच्चों, वृद्धों में संक्रमण फैलने की संभावना अधिक होती है। पेट की आंत की गंभीर बीमारी के लक्षणों में पेचिश, निम्न रक्तचाप, किडनी खराब होना शामिल है। मानसून के मौसम में पेट की बीमारी के लक्षणों पर ध्यान नहीं देने व लापरवाही बरतने पर कोविड-19 का संक्रमण होने की स्थिति में ऐसे लक्षणों वाले बीमारों की मौत भी हो सकती है।
- डॉ. श्रवण बोहरा,
गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट, लीवर रोग विशेषज्ञ व गुजरात सोसायटी ऑफ गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी के पूर्व सचिव।

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