डिजिटल करेंसी व संपत्ति है क्रिप्टो करेंसी : डॉ. लोढ़ा

वाणिज्य विशेषज्ञ प्रो. गौरव लोढ़ा ने ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी, क्रिप्टो करेंसी लाभ और हानि के बारे में भी जानकारी दी

By: Rajesh Bhatnagar

Published: 29 Dec 2020, 01:33 AM IST

वडोदरा. यहां पारूल विश्वविद्यालय में संचालित फैकल्टी ऑफ आर्टस में पारूल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्टस के तहत संचालित डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक्स की ओर से एक्सप्लोरिंग न्यू पेरादिग्म इन दि ग्लोबल इकॉनामी विद क्रिप्टो करेंसी विषय पर ऑनलाइन वेबिनार का हाल ही आयोजन किया गया।
वेबिनार के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता वाणिज्य विशेषज्ञ प्रो. गौरव लोढ़ा ने क्रिप्टो करेंसी की परिभाषा देते हुए इसे डिजिटल करेंसी एवं डिजिटल संपत्ति बताया। डॉ. लोढ़ा ने ब्लॉक चैन टेक्नोलॉजी, क्रिप्टो करेंसी लाभ और हानि के बारे में भी जानकारी दी।
उन्होंने क्रिप्टो करेंसी के इतिहास, मार्डन क्रिप्टो करेंसी, मेकेनिज्म एंड प्लेटफॉर्म, ब्लॉकचैन तकनीक, प्रोसेस ऑफ ब्लॉक चैन, अवसर और उपलब्धता, क्रिप्टो करेंसी के प्रकार, क्रिप्टो करेंसी उद्योग सेक्टर, क्रिप्टो करेंसी के कानूनी पहलू, बिटकॉईन वॉलेट एडफस ग्रोथ, क्रिप्टो एक्सचेंज यूजर ग्रोथ, टोटल क्रिप्टो एक्सचेंज वॉल्यूम, क्रिप्टो करेंसी की सीमा एवं वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव और क्रिप्टो करेंसी में बिटकॉईन, लाईटकोईन, रिपल, इथेरियम, डॉजिकाईन के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
फैकल्टी ऑफ आटर््स के डीन, पारूल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्टस के प्रिंसिपल एवं जर्नलिज्म एंड मॉस कम्यूनिकेशन के प्रोफेसर डॉ. रमेश कुमार रावत ने स्वागत भाषण दिया। सहायक प्रोफेसर जय भट्ट ने प्रो. लोढ़ा का परिचय दिया।

Rajesh Bhatnagar
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