मारपीट के बाद चिकित्सक हड़ताल पर

सिविल अस्पताल में...
प्रशासन ने भरोसा दिलाया तो दोपहर बाद संभाला काम
-अज्ञात चार जनों के खिलाफ आरोप

By: Omprakash Sharma

Published: 24 May 2018, 09:48 PM IST

अहमदाबाद. शहर के सिविल अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में सेवा दे रहे चिकित्सकों से हाथापाई किए जाने का मामला सामने आया है। विरोध में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के जूनियर चिकित्सक गुरुवार सुबह से हड़ताल पर उतर गए। हालांकि दोपहर बाद प्रशासन की ओर से उचित भरोसा दिलाए जाने के बाद काम संभाल लिया। इस मामले में मरीज के साथ रह रहे अज्ञात चार जन के खिलाफ शाहीबाग पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया।
ट्रोमा सेंटर में बुधवार शाम को इमरजेंसी १०८ एम्बुलेंस से ओढव क्षेत्र से ५० वर्षीय एक प्रोढ़ उपचार के लिए लाया गया था जो किसी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ। उसके कुछ घंटे बाद वहां आए चार जनों ने यह कहते हुए चिकित्सकों से अपशब्द बोलने शुरू कर दिए कि वे उपचार में लापरवाही कर रहे हैं। इसके बाद वहां मौजूद ऑर्थोपेडिक चिकित्सकों की टीम से मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि अपशब्द और गोली मारने की धमकी भी दी गई। उधर, रात को उपचाराधीन प्रोढ़ की मौत हो गई थी। चिकित्सकों के अनुसार दुर्घटना में घायल प्रोढ़ के हाथ पैर में फ्रेक्चर और उसकी नसें भी कट गईं थीं। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हीरेन भाभोर ने बताया घटना के विरोध में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के सभी रेसिडेंट चिकित्सकों ने हड़ताल का निर्णय किया और गुरुवार सुबह से कामकाज बंद कर दिया। उसके बाद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एम.एम. प्रभाकर एवं पुलिस अधिकारियों की समाझाने के बाद सभी चिकित्सक काम पर लौटे।
उचित कार्रवाई का दिलाया भरोसा
कामकाज से दूर रहे चिकित्सकों ने अस्पताल परिसर में ही नारेबाजी शुरू कर दी। अस्पताल प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। मौके पर पहुंची शाहीबाग पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त जे.के. भट्ट भी अस्पताल पहुंचे। उस दौरान उचित न्याय का भरोसा दिलाया गया।
ये की मांग
आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। ट्रोमा सेंटर में पांच से छह बाउंसर रखे जाएं। रात को वारदात के दौरान मौजूद पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। चिकित्सकों का आरोप है कि वारदात स्थल पर मौजूद सुरक्षाकर्मी और पुलिस चाहती तो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सकता था।
...नहीं तो गुजरात भर में होगी हड़ताल
चिकित्सकों का कहना है कि ये मांगें २९ मई तक पूरी नहीं हुईं तो पूरे राज्य में जूनियर चिकित्सक हड़ताल पर उतर जाएंगे।
मरीजों ने भी झेली परेशानी
चिकित्सकों के हड़ताल पर उतरने से अस्पताल के अन्य मरीजों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।

Omprakash Sharma Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned