एक ही छत के नीचे रहते हैं श्वान, बिल्ली और बंदर

एक ही छत के नीचे रहते हैं श्वान, बिल्ली और बंदर

Gyan Prakash Sharma | Updated: 14 Jun 2019, 11:07:37 PM (IST) Ahmedabad, Ahmedabad, Gujarat, India

अनोखी दोस्ती, बिना झगड़े खाना भी खाते हैं एक साथ

अहमदाबाद. मिनी, खीमी, रूबी, जूली और फकीरा जैसे नामों से आवाज लगाने के साथ ही सभी एक पेड़ के नीचे एकत्रित हो जाते हैं और मिल-जुलकर भोजन करते हैं और साथ रहते हैं।
नामों को पढ़कर भले आपको लग रहा होगा कि यहां इंसानों की बात हो रही हैं, लेकिन यहां इंसान नहीं अपितु एक-दूसरे के जानी दुश्मन माने जाने वाले श्वान, बिल्ली व बंदरों की दोस्ती की चर्चा हो रही है, जो एक-दूसरे को देखकर ही आपस में खाने को दौड़ते हैं, लेकिन यहां यह सभी एक ही छत के नीचे रहकर बिना झगड़ा किए एक साथ खाना खाते हैं। शहर के शाहीबाग में डफनाळा के निकट स्थित भेखड़धारी गोगा महाराज मंदिर में इंसान ही नहीं, अपितु जानवर भी मिल-जुलकर रहते हैं।
साबरमती नदी के तट पर स्थित इस मंदिर में इंसान एवं जानवरों के साथ-साथ प्रकृति का भी संगम है। एक-दूसरे को देखते ही काटने को दौडऩे वाले श्वान, बिल्ली एवं बंदर एक ही आवाज में आपसी बैर को भुलाकर एकत्रित हो जाते हैं और एक ही थाली में भोजन करते हैं। ये जानवर बिना किसी हिंसा के समूह में रहकर लोगों को अहिंसा का संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। श्वानों-बिल्लियों के अलावा मोर आदि पक्षियों की किलकारी भी यहां पर गूंजती है।


तीन समय देते हैं भोजन-पानी :
मंदिर में रहने वाले श्वान, बिल्ली, बंदरों के साथ-साथ पक्षी आदि को सुबह-शाम एवं दोपहर को खाना दिया जाता है। यहां वर्षों से इसी प्रकार एक साथ सभी खाना खाते हैं। केला, बिस्किट, अंगूर, नमकीन, मूंगफली दाना, दूध, पौआ आदि खिलाते हैं। यह जानवर एक-दूसरे के बीच की दुश्मनी को भूलकर अहिंसा का संदेश दे रहे हैं।
-ईश्वरभाई देसाई, महंत-भेखड़धारी गोगा महाराज मंदिर, अहमदाबाद

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