scriptDonated 19 organs in four days in Ahmedabad, Civil hospital | अहमदाबाद में चार दिनों में 19 अंगों का किया दान | Patrika News

अहमदाबाद में चार दिनों में 19 अंगों का किया दान

पांच ब्रेन डेड बने अंगदाता, चार सिविल अस्पताल व एक केडी अस्पताल का दाता

अहमदाबाद

Published: June 19, 2022 10:50:32 pm

अहमदाबाद. पिछले कुछ समय से गुजरात Gujarat में अंगदान को लेकर जागरुकता दिन प्रतिदिन बढ़ी है। पिछले चार दिनों में ही अहमदाबाद शहर के दो अस्पतालों में भर्ती पांच मरीजों को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद परिजनों ने अंगदान के लिए स्वीकृति दी है। Donated 19 organs इनस मिलेे 19 अंगों से जरूरतमंद लोगों की जान बचाई जा सकी। इन पांच ब्रेन डेड दाताओं में चार Ahmedabad civil hospital अहमदाबाद सिविल अस्पताल और एक KD Hospital के.डी. अस्पताल में उपचाराधीन था।
अहमदाबाद शहर के असारवा क्षेत्र स्थित सिविल अस्पताल में गत 15 जून से 18 जून तक उपचार के दौरान चार को ब्रेन डेड घोषित किया गया है। इससे पहले लगभग डेढ़ वर्ष में अस्पताल में 70 ब्रेन डेड अंगदाता बन चुके हैं। 71 वें अंगदाता के रूप में सुरेन्द्रनगर के संजयकुमार गोहिल हैं। ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद गोहिल के परिजनों की सहमति से लीवर, दो किडनी और हृदय का दान किया गया। 72 वें अंगदाता मेहसाणा के मनोज परमार हैं। उपचार के दौरान ब्रेनडेड घोषित किए जाने के बाद मनोज के हृदय, दोनों किडनी, लिवर पेंक्रियाज का दान किया गया। 73 वें ब्रेन डेड दाता सुरेन्द्रनगर की संगीताबेन वनालिया हैं, उनके हृदय, दोनों किडनी लिवर का दान किया। जबकि 74 वें ब्रेनडेड अंगदाता अहमदाबाद के 25 वर्षीय राहुल राजभर हैं, उनके लिवर का दान किया है। इन चारों दाताओं के परिजन अंगदान का महत्व पहले से ही भलिभांति जानते थे।
अहमदाबाद में चार दिनों में 19 अंगों का किया दान
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केडी अस्पताल में ब्रेन डेड से दान में मिले पांच अंग
अंगदान की महक अब दिन प्रतिदिन फैल रही है। शहर के केडी अस्पताल में उपचार के दौरान ब्रेन डेड घोषित किए गए दल्लू विनायगम के परिजनों ने स्वैच्छा से अंगदान का निर्णय किया। इसके बाद उनकी दोनों किडनी, लिवर और दोनों कोर्निया दान में दिए गए।
दर्दनाक जीवन जी रहे लोगों को मिल रहा है नया जीवन
अंगदान की बढ़ती जागरुकता के कारण उन लोगों को नया जीवन मिल रहा है जो अपने अंगों के निष्क्रिय होने पर दर्द भरा जीवन जीने को मजबूर हैं। ब्रेन डेड दाताओं के अंगों का प्रत्यारोपण ऐसे ही लोगों में किया जाता है। जिससे उन्हें नई जिन्दगी मिलती है। सिविल अस्पताल में कार्यरत स्टेट ऑर्गन टिश्यु एंड ट्रान्सप्लान्ट ऑर्गेनााइजेशन (सोटो) की टीम तथा टीम के संयोजक डॉ. प्रांजल मोदी के प्रयास इस क्षेत्र में रंग ला रहे हैं।
डॉ. राकेश जोशी, चिकित्सा अधीक्षक सिविल अस्पताल
...ताकि जीवित व्यक्तियों को नहीं करना पड़े अंगदान
गुजरात में अंगदान की बढ़ती जागरुकता के कारण न सिर्फ अंगदान के लिए कतार कम हो रही है बल्कि ऐसा ही चलता रहा तो आगामी दिनों में जीवित व्यक्तियों को अंगदान नहीं करना पड़ेगा। इन गतिविधियों में जुड़े चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य कर्मी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
ऋषिकेश पटेल, स्वास्थ्य मंत्री गुजरात सरकार

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